भारत/नेपाल: नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से कई इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं। बाढ़ के कारण सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। इसी बीच नेपाल के अलग-अलग हिस्सों में रसुवा और नुवाकोट को छोड़कर 1,433 नेपाली और विदेशी नागरिकों के संपर्कविहीन होने की जानकारी सामने आई है।
राष्ट्रीय विपद् जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, गुरुवार दोपहर 2:30 बजे तक संपर्कविहीन लोगों में 916 नेपाली और 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं। रसुवा और नुवाकोट के आंकड़े अभी अलग से जुटाए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने नुवाकोट-बिदुर का किया दौरा
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने गुरुवार को बाढ़ प्रभावित बिदुर और नुवाकोट के आसपास के क्षेत्रों का दौरा किया। प्रधानमंत्री सुबह करीब 9:30 बजे अवसंरचना विकास मंत्री सुनील लमसाल के साथ सड़क मार्ग से नुवाकोट के लिए रवाना हुए।
दौरे के दौरान उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया और स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों तथा जनप्रतिनिधियों से राहत एवं बचाव अभियान की जानकारी ली।
प्रधानमंत्री ने विस्थापित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने, बाधित सड़कों को खोलने और क्षतिग्रस्त बुनियादी सुविधाओं को जल्द बहाल करने पर जोर दिया।
बागमती प्रदेश में सबसे ज्यादा 420 लोग संपर्कविहीन
प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक रसुवा और नुवाकोट को छोड़कर बागमती प्रदेश में 420 लोग संपर्कविहीन हैं। वहीं कोशी प्रदेश में 80, मधेश प्रदेश में 37 और गंडकी प्रदेश में 84 लोगों के संपर्कविहीन होने की जानकारी है।
इसी तरह लुंबिनी प्रदेश में 105, कर्णाली प्रदेश में 118 और सुदूरपश्चिम प्रदेश में 72 लोग संपर्कविहीन बताए गए हैं।
कोशी प्रदेश में संपर्कविहीन लोगों में जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले कर्मचारी, कारोबारी और व्यापारी भी शामिल बताए गए हैं।
रसुवा और नुवाकोट का आंकड़ा अलग से तैयार
राष्ट्रीय विपद् जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित माने जा रहे रसुवा और नुवाकोट के संपर्कविहीन लोगों की संख्या 1,433 के आंकड़े में शामिल नहीं है। दोनों जिलों से अलग-अलग विवरण जुटाया जा रहा है।
ऐसे में आने वाले दिनों में संपर्कविहीन लोगों की कुल संख्या में बदलाव संभव है।
राहत और बचाव अभियान जारी
भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद नेपाल सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। संपर्कविहीन लोगों की तलाश के साथ विस्थापित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने का काम जारी है।
बाढ़ से कई स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित होने के कारण राहत दलों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री के दौरे के बाद प्रशासन को राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
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