लखीसराय: भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और प्रकृति की हरियाली से जुड़े सावन महीने के अवसर पर लाल इंटरनेशनल स्कूल में हर्षोल्लास के साथ सावन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्कूल के छात्र-छात्राओं, शिक्षक-शिक्षिकाओं और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। सावन महोत्सव के दौरान स्कूल परिसर में पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संस्कृति और परंपराओं के अनुरूप भगवान शिव की आराधना के साथ की गई। स्कूल की प्राचार्य मनीषा कुमारी, चेयरपर्सन ममता देवी और शिक्षिकाओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर सभी के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने सावन से जुड़े विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
महोत्सव के दौरान स्कूल की छात्राओं स्तुति, रिया, वैष्णवी, तुलसी और अर्चना ने सावन के पारंपरिक लोकगीत, झूला गीत और कजरी गीत प्रस्तुत किए। छात्राओं की मधुर प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मन मोह लिया। सावन के पारंपरिक गीतों के माध्यम से बच्चों ने भारतीय लोक संस्कृति और ग्रामीण जीवन से जुड़ी परंपराओं को जीवंत करने का प्रयास किया।
कार्यक्रम में लगाए गए झूलों ने बच्चों के साथ-साथ शिक्षिकाओं और अभिभावकों का भी खूब ध्यान आकर्षित किया। छात्र-छात्राओं ने अपने दोस्तों के साथ झूले का आनंद लिया। शिक्षिकाओं और अभिभावकों ने भी बच्चों के साथ उत्सव में शामिल होकर सावन की खुशियां साझा कीं। इस दौरान स्कूल परिसर में हंसी-खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
स्कूल के डायरेक्टर मुकेश कुमार ने कहा कि सावन भारतीय संस्कृति और प्रकृति की हरियाली से जुड़ा बेहद महत्वपूर्ण महीना है। सावन के दौरान चारों ओर हरियाली और उत्सव का वातावरण दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में सावन का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है और यह महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है।
उन्होंने कहा कि सावन महोत्सव आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति, लोकगीतों और पारंपरिक त्योहारों से जोड़ना है। पढ़ाई के साथ बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं की जानकारी होना भी जरूरी है। ऐसे आयोजनों से बच्चों में अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति रुचि और सम्मान बढ़ता है।
प्राचार्य मनीषा कुमारी ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों की प्रतिभा को मंच देने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों ने जिस उत्साह और आत्मविश्वास के साथ सावन गीत प्रस्तुत किए, वह सराहनीय है। स्कूल भविष्य में भी भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं से जुड़े ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
चेयरपर्सन ममता देवी ने भी सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों को सावन महोत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि त्योहार और सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों को एक-दूसरे के करीब लाने का काम करते हैं। सामूहिक रूप से त्योहार मनाने से बच्चों में सहयोग, भाईचारे और सामाजिक जुड़ाव की भावना विकसित होती है।
सावन महोत्सव के दौरान पारंपरिक गीतों, भगवान शिव की आराधना और झूले के साथ बच्चों ने जमकर उत्सव का आनंद लिया। कार्यक्रम में शिक्षकों और अभिभावकों की भागीदारी ने आयोजन को और खास बना दिया। स्कूल परिसर में आयोजित इस सावन महोत्सव ने बच्चों को पढ़ाई से अलग भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं से जुड़ने का एक यादगार अवसर प्रदान किया।
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