पटना: देश के कई राज्यों में मौसमी इन्फ्लुएंजा यानी H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच बिहार में भी संक्रमण की दस्तक हुई है। पटना में दो मरीजों की H1N1 रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दोनों मरीज अगमकुआं और कंकड़बाग इलाके के रहने वाले हैं। फिलहाल दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है।
दोनों मरीजों के सैंपल की जांच पटना सिटी स्थित राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RMRIMS) में हुई। संस्थान के अनुसार पिछले एक सप्ताह में अलग-अलग अस्पतालों से 25 से अधिक संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए पहुंचे थे। इनमें दो मरीजों में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई।
संक्रमित मरीजों की उम्र 47 और 52 वर्ष बताई गई है। एक मरीज का सैंपल कंकड़बाग के निजी अस्पताल से भेजा गया था, जबकि दूसरा RMRIMS की ओपीडी से संबंधित था।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी
H1N1 के मामले सामने आने के बाद बिहार स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच तेज कर दी है। पटना के अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संदिग्ध मरीजों की पहचान, सैंपल जांच और जरूरत पड़ने पर उन्हें अलग रखने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पटना के सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। फिलहाल लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पतालों की तैयारियां मजबूत रखी जा रही हैं।
PMCH के अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह के मुताबिक अस्पताल में अभी तक H1N1 का कोई संदिग्ध मरीज नहीं मिला है। हालांकि संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया गया है। जरूरत पड़ने पर मरीजों के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था की जाएगी।
देश के कई राज्यों में बढ़ रहे मामले
RMRIMS के निदेशक डॉ. कृष्णा पांडे के अनुसार दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, केरल, कर्नाटक, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब समेत कई राज्यों में मौसमी इन्फ्लुएंजा के मामले बढ़े हैं। इसी वजह से बिहार में भी निगरानी बढ़ाई गई है।
दिए गए आंकड़ों के अनुसार केरल में 7,421, कर्नाटक में 4,000 से अधिक, दिल्ली में 2,308, उत्तर प्रदेश में 337, राजस्थान में 129, हरियाणा में 119 और पंजाब में 93 मामले दर्ज किए गए हैं।
H1N1 के सामान्य लक्षण क्या हैं?
H1N1 एक प्रकार का इन्फ्लुएंजा वायरस है। इसके लक्षण आम फ्लू जैसे हो सकते हैं। इनमें बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, थकान और कमजोरी शामिल हो सकते हैं।
कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है। खासतौर पर बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों में जटिलताओं का जोखिम अधिक हो सकता है।
बचाव के लिए क्या करें?
संक्रमण से बचने के लिए नियमित रूप से हाथ धोना, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना और बीमार होने पर दूसरों से उचित दूरी बनाए रखना उपयोगी है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना और फ्लू जैसे लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लेना भी जरूरी है।
H1N1 की पुष्टि होने पर इलाज डॉक्टर की सलाह के अनुसार किया जाता है। जरूरत पड़ने पर एंटीवायरल दवाएं दी जा सकती हैं। बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दवा शुरू नहीं करनी चाहिए।
क्या कोई नया खतरनाक स्ट्रेन आया है?
विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल किसी नए या असामान्य H1N1 स्ट्रेन की पुष्टि नहीं हुई है। मौजूदा संक्रमण को मौसमी इन्फ्लुएंजा के अनुरूप माना जा रहा है। इसलिए अभी इसे किसी नए और अधिक खतरनाक वायरस के रूप में नहीं देखा जा रहा है।
बिहार में पहले भी सामने आ चुके हैं मामले
बिहार में H1N1 के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2015 में राज्य में 352 मामले और छह मौतें दर्ज हुई थीं। 2017 में 26, 2018 में एक, 2019 में 52 और 2020 में 17 मामले सामने आए थे।
फिलहाल बिहार में दो पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर जांच व उपचार की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
ये खबर भी पढ़े: Bihar: नेपाल में जल प्रलय से भारी तबाही; 157 शव बरामद, 700 से ज्यादा लोग संपर्कविहीन; 139 भारतीय पर्यटक भी लापता!