लखीसराय: व्यवहार न्यायालय, लखीसराय में ऑनलाइन फाइलिंग और दस्तावेज दाखिल करने की मौजूदा व्यवस्था को लेकर अधिवक्ताओं में नाराजगी देखने को मिल रही है। इसको लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, मनोज कुमार, अमन सिंह भारती, अशोक कुमार और अजय कुमार समेत अन्य अधिवक्ताओं ने जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष और सचिव को लिखित ज्ञापन सौंपा है।
ऑनलाइन फाइलिंग प्रक्रिया को बताया जटिल
अधिवक्ताओं का कहना है कि न्यायालय में वाद, बेल, आवेदन और सूट समेत विभिन्न मामलों की फाइलिंग की वर्तमान प्रक्रिया जटिल हो गई है। उनका आरोप है कि सीधे न्यायालय में प्रक्रिया पूरी करने के बजाय कई मामलों में निजी लोगों या टाइपिंग का काम करने वाले व्यक्तियों के माध्यम से ऑनलाइन फाइलिंग करानी पड़ती है।
अधिवक्ताओं के मुताबिक इससे वादकारियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर मुवक्किलों के लिए यह व्यवस्था परेशानी का कारण बन रही है।
कोर्ट परिसर में सीधे ऑनलाइन फाइलिंग की मांग
ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने व्यवहार न्यायालय परिसर में स्थापित कंप्यूटर सेंटर या निर्धारित खिड़की के माध्यम से सीधे ऑनलाइन फाइलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि न्यायालय परिसर में ही निर्धारित व्यवस्था के तहत ऑनलाइन दस्तावेज दाखिल करने की सुविधा मिले तो प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और सुलभ हो सकती है। इससे वादकारियों को निजी स्तर पर अतिरिक्त खर्च करने की जरूरत भी कम होगी।
जल्द निर्णय लेने की मांग
अधिवक्ताओं ने जिला विधिज्ञ संघ के पदाधिकारियों से इस मामले में जल्द पहल करने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि इस विषय पर संघ की बैठक के लिए जल्द तिथि निर्धारित की जाए और अधिवक्ताओं तथा वादकारियों की समस्याओं के समाधान को लेकर सामूहिक निर्णय लिया जाए।
ज्ञापन सौंपने वाले अधिवक्ताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य ऑनलाइन व्यवस्था का विरोध करना नहीं, बल्कि ऐसी प्रक्रिया की मांग करना है जिससे डिजिटल न्यायिक व्यवस्था के साथ-साथ आम वादकारियों की सुविधा और आर्थिक हितों का भी ध्यान रखा जा सके।
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