शेखपुरा: बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी पेपरलेस निबंधन व्यवस्था के तहत शेखपुरा जिले में भूमि और मकानों के डिजिटल पंजीकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है। मंगलवार को जिलाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में जिला निबंधन कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में डिजिटल निबंधन की प्रगति के साथ-साथ प्रक्रिया के दौरान सामने आ रही तकनीकी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
अब तक 15 दस्तावेजों का पेपरलेस निबंधन
समीक्षा के दौरान बताया गया कि शेखपुरा जिले में अब तक कुल 15 दस्तावेजों का पेपरलेस निबंधन पूरा किया जा चुका है। इनमें से 3 दस्तावेजों का सफल डिजिटल निबंधन समीक्षा बैठक के दिन ही संपन्न कराया गया।
अधिकारियों ने जिलाधिकारी को डिजिटल रजिस्ट्री की मौजूदा स्थिति और प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक परेशानियों की जानकारी दी।
OTP और मोबाइल नंबर अपडेट की समस्या
बैठक में सामने आया कि कुछ मामलों में मोबाइल फोन पर OTP मिलने में देरी हो रही है। वहीं आधार से लिंक मोबाइल नंबर अपडेट नहीं होने के कारण भी डिजिटल निबंधन की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और सेवा प्रदाता एजेंसियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी और व्यवहारिक कठिनाइयों को जल्द दूर किया जाए, ताकि आम लोगों को पेपरलेस निबंधन कराने में किसी तरह की परेशानी न हो।
लोगों को जागरूक करने का निर्देश
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को डिजिटल निबंधन की प्रक्रिया को लेकर आम लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था को लेकर लोगों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे पहले से जरूरी दस्तावेज और मोबाइल नंबर संबंधी प्रक्रिया पूरी कर सकें।
3 अगस्त से लागू है अनिवार्य पेपरलेस व्यवस्था
बिहार में जमीन और मकानों के निबंधन के लिए 3 अगस्त से पेपरलेस व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू की जा चुकी है। नई व्यवस्था का उद्देश्य निबंधन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुविधाजनक और डिजिटल बनाना है।
शेखपुरा में प्रशासन अब इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए तकनीकी समस्याओं के समाधान और आम लोगों को जागरूक करने पर विशेष जोर दे रहा है।
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