पटना: पटना के ज्ञान भवन में चल रहे रोजगार मेले में नौकरी की तलाश में पहुंचे हजारों युवाओं की भीड़ के बीच वेतन और नौकरी की लोकेशन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। 19 से 23 अगस्त तक आयोजित इस रोजगार मेले में 112 कंपनियों के पहुंचने की बात कही गई है। दो दिनों में करीब 10 हजार युवाओं के आवेदन करने का दावा है, लेकिन बड़ी संख्या में युवाओं को 10 से 15 हजार रुपए मासिक वेतन पर बिहार से बाहर नौकरी का ऑफर मिल रहा है।
युवाओं का कहना है कि चेन्नई, मुंबई, दिल्ली, हरियाणा और कोलकाता जैसे शहरों में कम वेतन पर नौकरी करने के बाद किराया, खाना और आने-जाने का खर्च निकालना मुश्किल होगा। ऐसे में वे रोजगार मेले से बेहतर वेतन और बिहार में ही नौकरी मिलने की उम्मीद कर रहे थे।
15-16 हजार की नौकरी पर चेन्नई जाने का ऑफर
रोजगार मेले में पहुंचे मुन्ना ने बताया कि मेडिकल लाइन की एक कंपनी की ओर से चेन्नई में 15-16 हजार रुपए मासिक वेतन पर नौकरी का ऑफर दिया गया है। उनका कहना है कि इतनी कम सैलरी में दूसरे शहर में रहकर खर्च चलाना और बचत करना मुश्किल है। कंपनी की ओर से इंटरव्यू की तारीख बाद में बताने की बात कही गई, जबकि काम की पूरी जानकारी भी स्पष्ट नहीं की गई।
मेले में ज्यादातर कंपनियों की ओर से बिहार से बाहर पोस्टिंग के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। कुछ नौकरियों में 25 से 30 हजार रुपए तक के पैकेज का ऑफर भी है, लेकिन इसके लिए युवाओं को दूसरे राज्यों में जाना होगा।
युवाओं ने पूछा- नौकरी या मजदूरी?
मेले में आए कई युवाओं ने कहा कि वे तकनीकी और बेहतर रोजगार की उम्मीद लेकर पहुंचे थे, लेकिन कई ऑफर सामान्य सेल्स, डिलीवरी, पैकेजिंग और अन्य कम वेतन वाले कामों से जुड़े हैं।
युवाओं का सवाल है कि यदि नौकरी के लिए दूसरे राज्य जाना पड़े और वेतन महज 10 से 15 हजार रुपए हो, तो रहने और खाने का खर्च निकालने के बाद परिवार के लिए कितना बच पाएगा। उनका कहना है कि बिहार में रोजगार के अवसर बढ़ाने की जरूरत है, ताकि युवाओं को नौकरी के लिए पलायन न करना पड़े।
112 कंपनियां पहुंचीं, बिहार की सिर्फ 6
रोजगार मेले में 112 कंपनियों के शामिल होने की बात सामने आई है। इनमें बिहार की कंपनियों की संख्या केवल 6 बताई गई है। अधिकतर कंपनियां युवाओं को दूसरे राज्यों में रोजगार देने के लिए भर्ती कर रही हैं।
युवाओं का कहना है कि यदि सरकार रोजगार मेला आयोजित कर रही है तो स्थानीय कंपनियों और बिहार में रोजगार देने वाले संस्थानों की भागीदारी बढ़ाई जानी चाहिए।
कंपनियों पर डेटा जुटाने का आरोप
कुछ युवाओं ने यह आरोप भी लगाया कि कंपनियां बड़ी संख्या में बायोडाटा और व्यक्तिगत जानकारी ले रही हैं। आवेदन और इंटरव्यू की प्रक्रिया तो चल रही है, लेकिन कई जगह नौकरी की शर्तों, पोस्टिंग और वेतन को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही।
युवाओं को आशंका है कि कहीं रोजगार मेले की प्रक्रिया केवल उम्मीदवारों का डेटा जुटाने तक सीमित न रह जाए। हालांकि, यह युवाओं के आरोप हैं और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
18 हजार की नौकरी, 20 साउंड बॉक्स लगाने का टारगेट
जमुई से पहुंचे जैनेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें एयरटेल से जुड़ी नौकरी में 18 हजार रुपए मासिक वेतन का ऑफर मिला है। इसके साथ 30 दिनों में कम से कम 20 साउंड बॉक्स लगाने का लक्ष्य बताया गया है। प्रति साउंड बॉक्स इंसेंटिव देने की भी जानकारी दी गई। जैनेंद्र के मुताबिक अभी उन्हें जॉइनिंग लेटर नहीं मिला है।
बी-फार्मा के बाद भी नौकरी की तलाश
सत्यम कुमार बी-फार्मा की पढ़ाई पूरी करने के बाद अस्पताल या फार्मेसी में नौकरी की तलाश में रोजगार मेले में पहुंचे थे। उनका कहना है कि मेले में अत्यधिक भीड़ होने के कारण आवेदन प्रक्रिया पूरी करना मुश्किल हो रहा है।
उन्होंने बताया कि लंबी कतार के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा, जबकि उन्हें इस रोजगार मेले से काफी उम्मीद थी।
TVS में 20 हजार का ऑफर, पोस्टिंग बेंगलुरु
कुंदन कुमार को TVS कंपनी की ओर से करीब 20 हजार रुपए मासिक वेतन का ऑफर मिला, लेकिन नौकरी के लिए बेंगलुरु जाना होगा। कुंदन का कहना है कि वह बिहार में ही नौकरी करना चाहते हैं और सैलरी भी उनकी उम्मीद के मुताबिक नहीं है।
वहीं, निखिल ने मुंबई में पैकेजिंग की नौकरी के लिए आवेदन किया है। उनके मुताबिक कंपनी ने 18 हजार रुपए CTC और करीब 15,600 रुपए इन-हैंड वेतन की जानकारी दी है। निखिल का कहना है कि मुंबई जैसे शहर में इतनी रकम में रहना मुश्किल होगा, इसलिए वह अन्य कंपनियों में भी विकल्प तलाश रहे हैं।
14 हजार की नौकरी पर अतुल ने जताई नाराजगी
अतुल को TCI कंपनी में गाड़ी लोड-अनलोड करने का काम मिलने की बात कही गई है। उनके मुताबिक वेतन 14 हजार रुपए है और अभी नौकरी की लोकेशन स्पष्ट नहीं बताई गई है। अतुल का कहना है कि जिस उम्मीद से वह रोजगार मेले में पहुंचे थे, उन्हें उस स्तर का रोजगार नहीं मिला।
दिव्यांग युवाओं की भी अपनी परेशानी
रोजगार मेले में पहुंचे दिव्यांग युवाओं ने भी दूसरे राज्यों में नौकरी के ऑफर और कम वेतन को लेकर परेशानी जताई।
पप्पू कुमार ने बताया कि उन्हें करीब 10 हजार रुपए वेतन पर दूसरे राज्य में नौकरी की बात कही गई है। उनका कहना है कि दिव्यांग व्यक्ति के लिए दूसरे राज्य में जाकर नौकरी करना और परिवार का खर्च चलाना चुनौतीपूर्ण है।
सौरभ कुमार ने दावा किया कि वह कई बार रोजगार मेले में आ चुके हैं। उनका आरोप है कि दिव्यांग युवाओं को भी अक्सर बिहार से बाहर नौकरी करने के विकल्प दिए जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार ऑफर मिलने के बावजूद उचित स्किल ट्रेनिंग नहीं होने के कारण युवाओं को परेशानी होती है।
बिहार में 100 पदों पर भर्ती का भी ऑफर
बीएसएस सोनाटा माइक्रो क्रेडिट की ओर से बिहार में 100 पदों पर भर्ती की जानकारी दी गई है। कंपनी के एचआर मोहित कुमार सिंह के अनुसार 12वीं पास युवक-युवतियां ट्रेनी रिलेशनशिप ऑफिसर के पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। कंपनी की ओर से करीब 15 हजार रुपए CTC पर भर्ती की जा रही है।
कंपनी के अनुसार महिला उम्मीदवारों को स्थानीय स्तर पर नौकरी देने का प्रयास किया जाएगा, जबकि पुरुष उम्मीदवारों की पोस्टिंग उनके घर से कम से कम 40 किलोमीटर की दूरी पर हो सकती है।
29 हजार तक इन-हैंड सैलरी का दावा
डिजिटल लेबर मार्केटप्लेस से जुड़े देवेश कुमार पांडेय ने बताया कि दिल्ली, हरियाणा, कोलकाता और गुजरात की कंपनियां मैन्युफैक्चरिंग और मेंटेनेंस जैसे पदों पर भर्ती कर रही हैं। 10वीं पास से लेकर बीटेक तक के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।
कंपनी के अनुसार 12 घंटे काम करने पर कुछ पदों पर 29 हजार रुपए तक इन-हैंड सैलरी मिल सकती है। उम्मीदवारों की काउंसलिंग और योग्यता के आधार पर उन्हें ऑफर दिया जाएगा।
रोजगार मेले की सफलता पर उठे सवाल
पटना के रोजगार मेले में बड़ी संख्या में कंपनियों और युवाओं की भागीदारी जरूर दिखाई दे रही है, लेकिन कम वेतन और बिहार से बाहर पोस्टिंग को लेकर उम्मीदवारों की नाराजगी सामने आई है। युवाओं की मुख्य मांग है कि उन्हें ऐसा रोजगार मिले, जिसमें वेतन उनकी जरूरतों के अनुरूप हो और संभव हो तो नौकरी बिहार में ही मिले।
अब सवाल यह है कि रोजगार मेले में जुटी भीड़ में से कितने युवाओं को वास्तव में नौकरी मिलती है और उनमें से कितने उम्मीदवार ऑफर स्वीकार कर ज्वाइन करते हैं। रोजगार मेले की वास्तविक सफलता का आकलन इसी आधार पर किया जा सकेगा।
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