दुमका: सावन की दूसरी सोमवारी पर दुमका स्थित प्रसिद्ध बाबा बासुकीनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। तड़के दो बजे मंदिर का पट खुलते ही श्रद्धालुओं के जलार्पण का सिलसिला शुरू हो गया, जो लगातार जारी रहा। मंदिर परिसर से लेकर मेला क्षेत्र तक हर तरफ केसरिया रंग और ‘बोल बम’ व ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष सुनाई दिए।
दूसरी सोमवारी के विशेष महत्व को देखते हुए बाबा बासुकीनाथ के दरबार में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में कांवरिये और श्रद्धालु पहुंचे। देवघर में बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण करने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु बासुकीनाथ धाम पहुंचे, वहीं भागलपुर के बरारी घाट से गंगाजल लेकर हंसडीहा के रास्ते आने वाले डाकबम श्रद्धालुओं की भी बड़ी मौजूदगी रही।
श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर में अरघा प्रणाली से जलार्पण की व्यवस्था की गई। दर्शनियाटीकर हाइवे के समीप तारा मंदिर रोड स्थित प्रवेश द्वार से श्रद्धालुओं को शिवगंगा की ओर भेजा गया। यहां स्नान के बाद श्रद्धालु निर्धारित कतार में लगकर क्यू कॉम्प्लेक्स और संस्कार मंडप होते हुए मंदिर प्रांगण तक पहुंचे। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच अरघा के माध्यम से बाबा बासुकीनाथ का जलाभिषेक कराया गया।
डाकबम श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था की गई थी। टोकन प्राप्त करने के बाद उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत सीधे मंदिर में प्रवेश कराया गया, ताकि लंबी कतार के बावजूद उनका जलार्पण समय पर हो सके।
भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने रात से ही मोर्चा संभाल लिया था। मेला क्षेत्र के अलग-अलग प्वाइंट पर दंडाधिकारी और पुलिस बल तैनात रहे। वरीय अधिकारी लगातार रूट लाइन का निरीक्षण करते रहे और कंट्रोल रूम से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की गई।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की भी मदद ली गई। प्रशासन की कोशिश रही कि श्रद्धालुओं को कतार, दर्शन और जलार्पण के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। भीड़ के दबाव वाले स्थानों पर पुलिसकर्मी लगातार निगरानी करते रहे।
दुमका एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने बताया कि संभावित भीड़ को देखते हुए पहले से ही व्यापक तैयारी की गई थी। मेला क्षेत्र के सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। वहीं एसडीएम कौशल कुमार ने कहा कि कंट्रोल रूम से लगातार पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से जलार्पण कराया जा सके।
बासुकीनाथ धाम में झारखंड के अलावा देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं के साथ विदेशी श्रद्धालु भी नजर आए। बाबा के दरबार में जलार्पण के बाद श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। दूसरी सोमवारी पर उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सावन में बासुकीनाथ धाम सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र बन जाता है।
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