सिमडेगा: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट बानो की सतर्कता और संवेदनशीलता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” के तहत कार्रवाई करते हुए RPF ने बानो रेलवे स्टेशन पर भटक रहे 14 वर्षीय नाबालिग बालक को सुरक्षित बरामद कर बाल कल्याण समिति (CWC) सिमडेगा को सौंप दिया।
घटना 8 अगस्त 2026 की है, जब RPF पोस्ट बानो की टीम नियमित जांच में जुटी थी। इसी दौरान उनकी नजर स्टेशन परिसर में अकेले घूम रहे एक नाबालिग पर पड़ी, जो ट्रेन संख्या 18175 पैसेंजर से वहां पहुंचा था। पूछताछ में बालक ने अपना नाम समीर उरांव (14 वर्ष) निवासी कुरुमगढ़, थाना चैनपुर, जिला गुमला बताया।
पढ़ाई के लिए लॉज में रहता है बालक
बालक ने बताया कि वह गुमला स्थित सेंट पैट्रिक हाई स्कूल का छात्र है और कोनबीर के सेंट जेवियर लॉज में रहकर पढ़ाई करता है। 6 अगस्त को वह स्कूल गया था और अवकाश आवेदन देने के बाद बस से रांची रेलवे स्टेशन पहुंच गया। वहां से वह अपने एक मित्र से मिलने धनबाद जाने के लिए निकल पड़ा।
माता-पिता बाहर, संपर्क भी नहीं
पूछताछ में यह भी सामने आया कि बालक के पिता केरल में कार्यरत हैं, जबकि माता पिछले दो महीनों से महाराष्ट्र में काम कर रही हैं। बालक के पास माता-पिता का कोई संपर्क नंबर भी उपलब्ध नहीं था, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई।
प्राथमिकता दी सुरक्षा को
RPF टीम ने बालक की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से बाल कल्याण समिति (CWC) सिमडेगा के सुपुर्द कर दिया गया, जहां आगे की देखभाल और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
टीम की रही अहम भूमिका
इस सराहनीय कार्य में उप निरीक्षक मिथिलेश कुमार के साथ आर.के. सिंह और संजीत कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। RPF की इस पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है।
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