बगहा: सावन में भगवान शिव के प्रति आस्था के कई रंग देखने को मिलते हैं, लेकिन बगहा में एक युवक की कांवड़ यात्रा इन दिनों खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। चखनी रजवटिया निवासी 23 वर्षीय धर्मेंद्र वाल्मीकिनगर के त्रिवेणी संगम से 111 लीटर पवित्र जल लेकर रामनगर स्थित ऐतिहासिक नीलकंठ नर्मदेश्वर महादेव मंदिर के लिए पदयात्रा पर निकले। इस यात्रा की सबसे खास बात यह है कि धर्मेंद्र अकेले नहीं हैं, बल्कि उनके साथ उनके तीन पालतू डॉगी टाइगर, शेरु और मोती भी कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं।
तीनों डॉगी भी बने कांवड़िया
धर्मेंद्र के तीनों पालतू डॉगी इस यात्रा में केवल साथ चलने तक सीमित नहीं हैं। टाइगर, शेरु और मोती भी अपने मालिक के साथ कांवड़ यात्रा का हिस्सा बने हैं। तीनों डॉगी एक डंडे से बंधे जलपात्र को लेकर चल रहे हैं, जिसमें करीब पांच लीटर जल है। वहीं धर्मेंद्र स्वयं 111 लीटर पवित्र जल लेकर पैदल यात्रा कर रहे हैं।
सड़क पर जब लोगों की नजर धर्मेंद्र और उनके तीनों डॉगी पर पड़ती है तो लोग कुछ देर रुककर इस अनोखी कांवड़ यात्रा को देखने लगते हैं। कई राहगीर अपने मोबाइल फोन से इसका वीडियो भी बना रहे हैं।
90 किलोमीटर का सफर, रास्ते में जंगल भी
वाल्मीकिनगर से रामनगर तक सड़क मार्ग की दूरी करीब 90 किलोमीटर है। यात्रा का लगभग 35 से 40 किलोमीटर हिस्सा घने जंगलों से होकर गुजरता है। ऐसे रास्ते में गर्मी, थकान और भारी जलपात्र के बावजूद धर्मेंद्र ने अपनी यात्रा जारी रखी।
उनका कहना है कि यह यात्रा भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था से जुड़ी है और उनके पालतू डॉगी भी परिवार के सदस्यों की तरह उनके साथ रहते हैं। इसलिए उन्होंने उन्हें भी इस धार्मिक यात्रा में अपने साथ शामिल किया।
मंदिर पहुंचकर होगा जलाभिषेक
धर्मेंद्र की यह अनोखी कांवड़ यात्रा अब रामनगर स्थित नीलकंठ नर्मदेश्वर महादेव मंदिर तक पहुंच चुकी है। यहां त्रिवेणी संगम से लाए गए पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा।
सावन की भीड़ के बीच धर्मेंद्र और उनके तीनों डॉगी की यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए कौतूहल और आकर्षण का विषय बनी हुई है। इंसान और अपने पालतू जानवरों के बीच लगाव के साथ शिवभक्ति का यह अनोखा संगम इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।
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