लखनऊ: सावन की हरियाली, तीज की उमंग और महिलाओं की खिलखिलाहट… इन तीनों का खूबसूरत संगम देखने को मिला लखनऊ में, जहां महिला मारवाड़ी युवा मंच, श्रद्धा शाखा की ओर से ‘संगिनी 3.0’ का भव्य उद्घाटन करते हुए हरियाली तीज उत्सव मनाया गया।
इंदिरा नगर, फैजाबाद रोड स्थित होटल में आयोजित कार्यक्रम में मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। देखते ही देखते आयोजन स्थल तीज के रंग में रंग गया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजी महिलाओं ने पारंपरिक संस्कृति और आधुनिक उत्साह का ऐसा मेल प्रस्तुत किया कि पूरा माहौल सावन के रंग में डूबा नजर आया।
सजावट से लेकर परिधानों तक दिखी तीज की छटा
कार्यक्रम स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। मधुर संगीत के बीच महिलाओं की मौजूदगी ने माहौल को और खुशनुमा बना दिया। पारंपरिक तीज की संस्कृति, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को खास बना दिया।
मारवाड़ी समाज की महिलाओं की मनमोहक प्रस्तुतियों और उत्साह ने कार्यक्रम की रौनक बढ़ा दी।
खेलों में दिखी मस्ती, विजेताओं को मिले पुरस्कार
‘संगिनी 3.0’ में महिलाओं के लिए विभिन्न मनोरंजक खेल और रोचक गतिविधियां आयोजित की गईं। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।
खेलों के दौरान कभी हंसी-ठिठोली तो कभी जीत के लिए उत्साह देखने को मिला। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इसके अलावा गीत-संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने भी कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। महिलाओं ने स्वादिष्ट अल्पाहार का आनंद लेते हुए एक-दूसरे के साथ आत्मीय पल साझा किए।
‘संगिनी’ में दिखी महिला एकता की तस्वीर
कार्यक्रम में महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने सामाजिक एकजुटता और महिला सहभागिता का संदेश दिया। आयोजकों का कहना था कि ‘संगिनी’ केवल मनोरंजन का मंच नहीं, बल्कि महिलाओं को आपसी स्नेह, सौहार्द और एकता के सूत्र में जोड़ने की पहल भी है।
इसके जरिए भारतीय संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
नीलू अग्रवाल और वर्षा सिंघानिया के नेतृत्व में आयोजन
कार्यक्रम का सफल संचालन शाखा की अध्यक्ष नीलू अग्रवाल और सचिव वर्षा सिंघानिया के नेतृत्व में हुआ।
आयोजन को सफल बनाने में इंदु अग्रवाल, दीप्ति मित्तल, प्रतिमा अग्रवाल, नेहा अग्रवाल, जूली टेकरीवाल, सीमा अग्रवाल, राखी अग्रवाल और सौम्या अग्रवाल ने सक्रिय सहयोग दिया।
परंपरा और आधुनिकता का खूबसूरत संगम
कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी सदस्यों, सहयोगियों और आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वालों के प्रति आभार जताया।
आयोजकों ने कहा कि ‘संगिनी’ महिलाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने का प्रयास है।
सावन के गीत, तीज की मस्ती और महिलाओं की मुस्कान से सजा ‘संगिनी 3.0’ सिर्फ एक उत्सव नहीं रहा, बल्कि आपसी स्नेह और सांस्कृतिक एकता की खूबसूरत तस्वीर बनकर सामने आया।
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