रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को सदन के अंदर और बाहर जमकर सियासी हंगामा देखने को मिला। जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन करते हुए सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जवाब मांगा।
सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायक सदन के वेल में पहुंच गए और जेपीएससी में कथित अनियमितताओं को लेकर नारेबाजी करने लगे। हंगामे के कारण प्रश्नकाल प्रभावित हुआ और सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
इसके बाद कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, जहां वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने चालू वित्तीय वर्ष का पहला 8399 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। बजट पेश होने के बाद सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
विधानसभा के बाहर भाजपा विधायकों ने जेपीएससी और जेएसएससी विवाद को लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में नौकरी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है और अभ्यर्थियों की मांगों की अनदेखी की जा रही है।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार बनने के बाद से ही नियुक्तियों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद ने आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों की मांगों पर सरकार को जल्द बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चल रहे आंदोलन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
इधर, झारखंड सरकार के मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि सरकार समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों से बातचीत कर रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है।
मानसून सत्र के दौरान सरकार ने एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) भी सदन में पेश की। हालांकि विपक्ष का मुख्य फोकस जेपीएससी-जेएसएससी विवाद पर ही रहा।
छोटे कार्यशाला वाले इस मानसून सत्र में अब आने वाले दिनों में भी परीक्षा विवाद, नियुक्तियां और सरकार की नीतियों को लेकर सदन में टकराव बढ़ने के आसार हैं।
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