पटना: राजधानी पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार निरीक्षण के लिए पहुंचे। अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों ने खराब स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मंत्री का घेराव कर दिया और अपनी नाराजगी जाहिर की।
मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि उसकी मां की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उसने कहा कि चिकित्सकों द्वारा समय पर ब्लड प्रेशर की जांच नहीं की गई, जिससे स्थिति बिगड़ गई। वहीं एक अन्य महिला ने मंत्री के सामने रोते हुए शीघ्र उपचार की मांग की और ऑपरेशन में देरी का आरोप लगाया।
कई मरीजों ने अस्पताल में अव्यवस्था, लंबी कतारों और दवाओं की उपलब्धता को लेकर शिकायतें कीं। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि आयुष्मान योजना के तहत इलाज के बावजूद बाहर से दवाएं मंगवाई जा रही हैं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। स्वास्थ्य मंत्री को कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल परिसर से बाहर निकाला गया। बताया जाता है कि मंत्री की सुरक्षा में निजी और सरकारी सुरक्षाकर्मियों सहित लगभग 30 गार्ड्स तैनात थे।
इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में शुरू की गई नई सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि HIV तथा हेपेटाइटिस बी व सी से संक्रमित मरीजों के लिए अलग डायलिसिस व्यवस्था की शुरुआत की गई है। इसके अलावा 20 नई डायलिसिस यूनिट, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, क्रिटिकल केयर ICU और OPD कमांड सेंटर की सुविधा भी प्रारंभ की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि मरीजों की शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाया जाएगा।
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