पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की वोटिंग के दौरान सियासी माहौल उस वक्त गरमा गया, जब जनसुराज संघर्ष वाहिनी की उपाध्यक्ष खुशबू पाठक ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। महिला नेत्री ने आरोप लगाया कि मतदान केंद्र के पास उनके साथ अभद्रता, मारपीट और धमकी की गई।
शिकायत के बाद बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। जनसुराज ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, वहीं पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुटी है।
“दुपट्टा खींचा, घेरा और धमकाया”—महिला नेत्री का आरोप
खुशबू पाठक के आवेदन के अनुसार, 30 जुलाई को शाम करीब 5 बजे एएन कॉलेज के मुख्य द्वार के पास वह मौजूद थीं। इसी दौरान भाजपा राजीव नगर मंडल अध्यक्ष अशोक कुमार और उनके साथ करीब 30 लोगों के पहुंचने का आरोप लगाया गया।
शिकायत में दावा किया गया है कि भीड़ ने उन्हें घेर लिया और गाली-गलौज, धक्का-मुक्की एवं मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनका दुपट्टा खींचा गया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
राजनीतिक संरक्षण का आरोप, बढ़ी सियासी गर्मी
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने खुद को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने की बात कही। खुशबू पाठक ने पुलिस से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर यह भी पता लगाया जाए कि इस पूरे विवाद में किसी बड़े राजनीतिक चेहरे की भूमिका या उकसावे की कोई बात सामने आती है या नहीं।
CCTV और वीडियो जांच की मांग
जनसुराज नेत्री ने घटना से जुड़े वीडियो और आसपास लगे CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने की मांग की है। उनका कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से पूरी सच्चाई सामने आ सकती है।
BJP पर उठे सवाल, लेकिन जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
इस मामले के सामने आने के बाद भाजपा और जनसुराज के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। जहां जनसुराज इसे सत्ता पक्ष की दबंगई बता रहा है, वहीं पूरे मामले की वास्तविकता पुलिस जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब नजर इस बात पर है कि जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं और क्या आरोपों की पुष्टि होती है।
ये खबर भी पढ़े: Bihar: पकडौआ मंत्री बचाने के लिए स्वर्ण नेता की बलि? देवेश कुमार के इस्तीफे पर बिहार में छिड़ी सियासी जंग, रोहिणी का हमला!