औरंगाबाद: NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता के विरोध में शुक्रवार को औरंगाबाद में छात्रों का प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। रमेश चौक पर दोपहर बाद हालात बिगड़ गए और प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई।
प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव में एक पुलिसकर्मी, एक पत्रकार और एक युवक घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया।
सुबह से ही प्रशासन पूरी तरह अलर्ट था। संभावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए रमेश चौक और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस जवान लगातार गश्त कर रहे थे और बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की जांच भी की जा रही थी।
दोपहर करीब 12 बजे अचानक बड़ी संख्या में छात्र रमेश चौक पहुंचे और सड़क जाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारी छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इसके साथ ही NEET पेपर लीक मामले और छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर विरोध जताया गया।
कुछ देर बाद प्रदर्शन उग्र हो गया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ दी और उसे हटाकर सड़क पर फेंक दिया। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव शुरू होने के बाद पुलिस ने हालात काबू करने के लिए अश्रुगैस के गोले छोड़े।
पथराव में हवलदार मो. मतलूब अली, एक अख़बार के पत्रकार मनीष तिवारी और मो. रिजवान घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही 112 की टीम और पुलिस के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान उपद्रव करने वालों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल रमेश चौक और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
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