नालंदा: नीट परीक्षा पेपर लीक मामले और दिल्ली-पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध की आग अब नालंदा तक पहुंच गई है। देर शाम बिहारशरीफ की सड़कों पर हजारों छात्र-छात्राएं उतर आए और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
हाथों में बैनर और तख्तियां लिए छात्रों ने शहर के विभिन्न इलाकों में मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।
दिल्ली-पटना की कार्रवाई से छात्रों में आक्रोश
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पेपर लीक की घटनाएं लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। दिल्ली और पटना में आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई ने उनके आक्रोश को और बढ़ा दिया है।
छात्रों ने कहा कि युवा दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनकी उम्मीदों पर चोट पहुंचती है। सरकार को इस मामले में सख्त कदम उठाना चाहिए।
“युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री युवाओं और उनके भविष्य की बात करते हैं, लेकिन नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। छात्रों ने मांग की कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए।
सोनम वांगचुक के समर्थन में भी उठी आवाज
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने समाजसेवी सोनम वांगचुक के आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार से युवाओं की समस्याओं पर तत्काल ध्यान देने की अपील की।
देर शाम तक बिहारशरीफ की सड़कों पर छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा। बड़ी संख्या में छात्रों के सड़क पर उतरने से शहर का माहौल गर्म रहा। छात्रों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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