रांची: राहुल गांधी की हिरासत की खबर ने झारखंड की राजनीति में आग लगा दी। राजधानी में लोक भवन के बाहर ऐसा प्रदर्शन हुआ, जिसने पूरे शहर का ध्यान खींच लिया।
कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता हाथों में रस्सी बांधकर सड़क पर उतर आए — यह सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि एक सीधा संदेश था कि पार्टी इसे “लोकतंत्र पर हमला” मान रही है। नारे, भीड़ और बढ़ते तनाव के बीच माहौल पूरी तरह गरमा गया।
दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए घटनाक्रम के बाद रांची में यह विरोध अचानक तेज हुआ। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों और युवाओं की आवाज दबाई जा रही है और विपक्ष को निशाना बनाया जा रहा है।
स्थिति उस वक्त और बिगड़ गई जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। इसके बाद कोतवाली थाना की टीम मौके पर पहुंची और कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। कुछ देर के लिए पूरा इलाका “सियासी रणभूमि” में बदल गया।
हिरासत में लिए गए नेताओं में दीपिका पांडे सिंह, इरफान अंसारी समेत कई बड़े चेहरे शामिल थे। हालांकि करीब एक घंटे बाद सभी को रिहा कर दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बात साफ कर दी — झारखंड में सियासत अब सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं, बल्कि सड़क पर उतरकर ताकत दिखाने का दौर शुरू हो चुका है।
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