लातेहार: झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिलने की खबर है। भाकपा (माओवादी) के रीजनल कमांडर और 20 लाख रुपये के इनामी नक्सली रविंद्र गंझू को पुलिस ने लातेहार से गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
रविंद्र गंझू पर झारखंड सरकार की ओर से 15 लाख रुपये और एनआईए की ओर से 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ लातेहार, लोहरदगा, गुमला, चतरा समेत कई जिलों में 70 से अधिक मामले दर्ज हैं।
घर से हुई गिरफ्तारी का दावा
रविंद्र गंझू की पत्नी लीलावती देवी ने उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि उनके पति घर पर गाय को भूसा डाल रहे थे, तभी सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी पहुंचे। पुलिस को देखकर रविंद्र गंझू ने भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया।
पत्नी का कहना है कि रविंद्र गंझू आत्मसमर्पण करने की तैयारी में था और इसी सिलसिले में घर आया हुआ था। उन्होंने पुलिस से अपील की है कि उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा जाए।
चार पुलिसकर्मियों की हत्या समेत कई मामलों में आरोपी
रविंद्र गंझू उर्फ मुकेश गंझू उर्फ सुरेंद्र गंझू लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र के हेसला मौजा स्थित बांझीटोला का रहने वाला है। उस पर अकेले लातेहार जिले में करीब 45 आपराधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं।
उसका नाम वर्ष 2019 में चंदवा थाना क्षेत्र के लुकुईया मोड़ के पास पीसीआर वैन पर हुए नक्सली हमले में सामने आया था, जिसमें चार पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी।
इसके अलावा फरवरी 2022 में लातेहार-लोहरदगा सीमा के बुलबुल जंगल में चले ऑपरेशन डबल बुल के दौरान हथियार और नक्सली सामग्री बरामदगी मामले में भी वह वांछित था।
लेवी, रंगदारी और हमले के मामलों में भी नाम
जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड के अनुसार, रविंद्र गंझू पर लेवी वसूली, रंगदारी, पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमले, हथियारों की बरामदगी और नक्सली गतिविधियों से जुड़े कई मामले दर्ज हैं।
फिलहाल उसकी गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है। सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क से जुड़ी जानकारी जुटाने में लगी हैं।