पटना: राजधानी में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की वर्दी पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने अपनी ही पत्नी को रिश्ता खत्म करने के लिए ₹10 लाख का ऑफर दिया—और जब पत्नी ने इंकार कर दिया, तो उसके साथ मारपीट, धमकी और प्रताड़ना का दौर शुरू हो गया।
पीड़िता नीतू कुमारी का कहना है कि यह कहानी किसी फिल्म की नहीं, बल्कि उनकी असली जिंदगी की है। चार साल पहले लव मैरिज करने वाले इस रिश्ते में दरार तब आई जब पति पर एक महिला दरोगा से अफेयर का आरोप लगा। नीतू का दावा है कि पति अब उसी से शादी करना चाहता है।
“या तो तलाक दे दो, या पैसे लेकर रास्ते से हट जाओ”—यह कथित अल्टीमेटम नीतू को दिया गया। लेकिन जब उन्होंने साफ इनकार किया, तो हालात और बिगड़ते चले गए। आरोप है कि उन्हें मानसिक तौर पर तोड़ने के साथ-साथ शारीरिक रूप से भी प्रताड़ित किया गया।
मामला यहीं नहीं रुका। पीड़िता का आरोप है कि उनके देवर ने निजी तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी, जिससे पूरा परिवार डर और तनाव में जीने को मजबूर है।
सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि सुलह के बहाने बुलाकर पति ने सरकारी आवास में ही उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। किसी तरह जान बचाकर वह थाने पहुंचीं, जहां शुरू में उनकी शिकायत तक लेने में आनाकानी की गई।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि पति अपनी वर्दी और पद का दबाव बनाकर मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
यह मामला सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि उस सिस्टम का आईना है जहां सवाल उठता है—क्या कानून के रखवाले ही कानून से ऊपर हैं?
अब सबकी नजर जांच पर है… सच सामने आएगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा?

ब्यूरो हेड महुआ न्यूज़
बिहार /झारखण्ड