गिरिडीह: झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। गिरिडीह पुलिस और सीआरपीएफ की कोबरा-209 बटालियन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के स्पेशल एरिया कमेटी (SAC) के शीर्ष कमांडर अजय महतो उर्फ मोछू उर्फ टाइगर को गिरफ्तार किया है।
अजय महतो पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह पिछले 21 सालों से नक्सली संगठन में सक्रिय था। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षाबलों पर हमला, सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने और लेवी वसूली जैसे 240 से अधिक मामले दर्ज हैं।
गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल कुमार ने बताया कि तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। 17 जुलाई को खुखरा थाना क्षेत्र के हरलाडीह ओपी अंतर्गत जंगल इलाके में नक्सली गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस और कोबरा जवानों ने विशेष अभियान चलाकर जंगल की घेराबंदी की।
अभियान के दौरान ग्राम पिपराडीह के खवासटांड़ टोला स्थित घने जंगल से भागने की कोशिश कर रहे अजय महतो को जवानों ने दबोच लिया।
पुलिस के मुताबिक, अजय महतो वर्ष 2005 से माओवादी संगठन में सक्रिय था। शुरुआत में वह दस्ता सदस्य रहा, लेकिन बाद में संगठन में उसकी भूमिका बढ़ती गई। वह हथियार और विस्फोटक जुटाने, लेवी वसूली और बड़े नक्सली हमलों की रणनीति बनाने में शामिल रहा।
अजय महतो को एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी नेता मिसिर बेसरा का करीबी सहयोगी भी बताया जाता है। वह पारसनाथ, झुमड़ा पहाड़, लुगू पहाड़ और सारंडा जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में लंबे समय तक सक्रिय रहा।
पुलिस का कहना है कि अजय महतो झारखंड के अलावा बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती बना हुआ था। गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और हजारीबाग के सीमावर्ती क्षेत्रों में कई बड़ी नक्सली घटनाओं की साजिश में उसकी भूमिका सामने आई थी।
गिरिडीह जिले में उसके खिलाफ 68 मामले दर्ज हैं, जबकि पश्चिमी सिंहभूम, धनबाद, चतरा, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग और सरायकेला सहित कई जिलों में भी उसके खिलाफ केस दर्ज हैं।
एसपी डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि अजय महतो की गिरफ्तारी माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका है। इससे पारसनाथ जोन समेत झारखंड में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिलेगी।