लखीसराय: बिहार में कबड्डी के जुनून और प्रतिभा का बड़ा मंच तैयार हो चुका है। आगामी 4 अगस्त से पटना के पाटलिपुत्र खेल इंडोर हॉल में बिहार राज्य जूनियर बालक कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन होने जा रहा है। तीन दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में प्रदेश की 16 चुनिंदा टीमें अपनी ताकत और कौशल का प्रदर्शन करेंगी।
प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए यह मुकाबला सिर्फ जीत-हार तक सीमित नहीं होगा, बल्कि यही मंच उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का रास्ता भी खोलेगा। इसी प्रतियोगिता के आधार पर 52वीं राष्ट्रीय जूनियर बालक कबड्डी प्रतियोगिता के लिए बिहार टीम का चयन किया जाएगा।
लखीसराय के खिलाड़ी भी इस बड़े मुकाबले के लिए पूरी तैयारी में जुटे हैं। खगौर स्थित खेलो इंडिया स्मॉल कबड्डी ट्रेनिंग सेंटर में खिलाड़ी रोजाना घंटों अभ्यास कर अपनी फिटनेस और तकनीक को धार दे रहे हैं। खिलाड़ियों का लक्ष्य सिर्फ राज्य प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि बिहार की टीम में जगह बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना है।
बिहार स्टेट कबड्डी एसोसिएशन के अनुसार प्रतियोगिता में शामिल होने वाली 16 टीमों को आठ जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन से विजेता और उपविजेता टीमों को राज्य स्तरीय मुकाबले में खेलने का मौका मिलेगा।
इस प्रतियोगिता में अंडर-20 आयु वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। खिलाड़ियों के लिए जन्म प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड और मैट्रिक प्रमाण-पत्र का सत्यापन अनिवार्य किया गया है। बिना दस्तावेज जांच के किसी भी खिलाड़ी को मैदान में उतरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बिहार स्टेट कबड्डी एसोसिएशन के चेयरमैन कुमार विजय सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की तैयारी के लिए आगे मौका मिलेगा। चयनित खिलाड़ियों के लिए राजगीर में विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा, जहां उन्हें विशेषज्ञों की निगरानी में अभ्यास कराया जाएगा।
बिहार में होने वाली राष्ट्रीय जूनियर कबड्डी प्रतियोगिता को देखते हुए इस बार राज्य स्तरीय मुकाबला खिलाड़ियों के लिए बड़ी परीक्षा साबित होने वाला है। मैदान पर उतरने वाली टीमें जहां खिताब के लिए जोर लगाएंगी, वहीं कई युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के दम पर कबड्डी की दुनिया में नई पहचान बनाने की कोशिश करेंगे।
