रांची: सावन में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए उमड़ने वाली लाखों की भीड़ को देखते हुए बिहार और झारखंड प्रशासन ने इस बार ट्रैफिक मैनेजमेंट का नया फॉर्मूला तैयार किया है। अब अगर देवघर में श्रद्धालुओं और वाहनों का दबाव बढ़ा तो कांवरियों के वाहनों को झारखंड पहुंचने से पहले ही बिहार में रोक दिया जाएगा।
बिहार के बांका जिले के चांदन थाना क्षेत्र में हुई इंटर-स्टेट ट्रैफिक कोऑर्डिनेशन मीटिंग में दोनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त रणनीति बनाई है। इसके तहत देवघर के होल्डिंग पॉइंट भरने के बाद बिहार पुलिस अपने क्षेत्र में ही वाहनों को नियंत्रित करेगी।
कैसे चलेगा पूरा सिस्टम?
झारखंड में बनाए गए प्रमुख होल्डिंग पॉइंट जैसे दुम्मा बॉर्डर, बीएड कॉलेज ग्राउंड देवघर, कुमैठा स्टेडियम/टेंट सिटी क्षेत्र और सरासनी क्षेत्र में जब वाहनों की क्षमता पूरी हो जाएगी, तो बिहार से आने वाले वाहनों की रफ्तार रोक दी जाएगी।
भागलपुर और सुल्तानगंज की ओर से बांका होकर आने वाले वाहनों को चांदन, इनारावरण और कटोरिया के पास रोका जाएगा। वहीं जमुई और सिकंदरा रूट से आने वाले वाहनों को जिला सीमा के अंदर ही सुरक्षित स्थानों पर होल्ड किया जाएगा।
दोनों राज्यों के पुलिस थानों के बीच 24 घंटे वायरलेस और व्हाट्सएप के जरिए तालमेल रखा जाएगा, ताकि भीड़ के हिसाब से वाहनों का फ्लो नियंत्रित किया जा सके।
ओवरलोड वाहनों पर सख्ती
श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं को ले जाने वाले डबल डेकर और ट्रिपल डेकर वाहनों पर पूरी तरह रोक रहेगी। क्षमता से ज्यादा यात्रियों को ले जाने वाले वाहनों को शुरुआती स्तर पर ही रोकने की तैयारी है।
श्रद्धालुओं के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं
मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सहायता के लिए 34 सूचना एवं सहायता केंद्र तैयार किए जा रहे हैं। वहीं महिला श्रद्धालुओं और बच्चों की सुविधा के लिए 10 मातृत्व विश्राम गृह भी बनाए जा रहे हैं।
प्रशासन का लक्ष्य साफ है—इस बार सावन में आस्था की भीड़ तो उमड़े, लेकिन जाम और अव्यवस्था की स्थिति न बने।