सहरसा: दुर्गा पूजा और दशहरा का उत्सव केवल आस्था, पूजा-पाठ और मेले तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की प्रतिभा निखारने और उनमें शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ाने का माध्यम भी बन रहा है। सहरसा जिले के तेघड़ा गांव में श्री श्री 108 मां दुर्गा पूजा समिति की ओर से इसी उद्देश्य के साथ बच्चों के लिए शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। समिति द्वारा कक्षा एक से कक्षा दस तक के बच्चों की टेस्ट परीक्षा आयोजित की गई। इस परीक्षा के बाद अब अगले दिन से अलग-अलग कक्षा समूहों के लिए क्विज प्रतियोगिता शुरू की जाएगी।
समिति की यह पहल इसलिए भी खास है, क्योंकि गांव में पिछले 12 वर्षों से लगातार क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। धार्मिक उत्सव के बीच बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने, ज्ञान बढ़ाने और प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर देना समिति की इस परंपरा को अलग पहचान देता है।
कक्षा एक से दस तक के बच्चों ने दी टेस्ट परीक्षा
श्री श्री 108 मां दुर्गा पूजा समिति, तेघड़ा की ओर से आयोजित कार्यक्रम के तहत कक्षा एक से कक्षा दस तक के बच्चों की टेस्ट परीक्षा ली गई। इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों की शैक्षणिक तैयारी को परखने के साथ उन्हें आगे होने वाली क्विज प्रतियोगिता के लिए तैयार करना है।
टेस्ट परीक्षा के माध्यम से बच्चों को अपनी जानकारी और तैयारी का आकलन करने का अवसर मिला। वहीं, इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने और प्रतियोगी माहौल से परिचित कराने में भी मददगार हो सकती हैं।
अब अलग-अलग कक्षा समूहों में होगी क्विज प्रतियोगिता
टेस्ट परीक्षा के बाद अगले दिन से क्विज प्रतियोगिता का आयोजन शुरू होगा। इसमें अलग-अलग कक्षा समूहों के बच्चों को शामिल किया जाएगा। प्रत्येक समूह के लिए अलग से प्रतियोगिता आयोजित करने की योजना है, ताकि बच्चों की कक्षा और शैक्षणिक स्तर के अनुरूप प्रश्न पूछे जा सकें।
क्विज प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को अपनी सामान्य जानकारी, याददाश्त और प्रश्नों का उत्तर देने की क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। अलग-अलग समूहों में आयोजन होने से छोटे और बड़े बच्चों को अपनी क्षमता के अनुसार प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिलेगा।
12 वर्षों से जारी है समिति की परंपरा
तेघड़ा गांव में श्री श्री 108 मां दुर्गा पूजा समिति पिछले 12 वर्षों से क्विज प्रतियोगिता का आयोजन करती आ रही है। लगातार इतने वर्षों तक इस परंपरा को बनाए रखना समिति की सक्रियता और बच्चों के प्रति उसके प्रयासों को दर्शाता है।
दुर्गा पूजा और दशहरा के अवसर पर आयोजित होने वाली ऐसी प्रतियोगिताएं त्योहार को सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ती हैं। इससे बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ गांव के अन्य विद्यार्थियों के साथ सीखने और आगे बढ़ने का अवसर भी मिलता है।
धार्मिक उत्सव के साथ शिक्षा और प्रतिभा को बढ़ावा
आज के समय में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ ज्ञानवर्धक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना भी महत्वपूर्ण है। तेघड़ा की दुर्गा पूजा समिति की पहल इसी दिशा में एक स्थानीय प्रयास के रूप में देखी जा सकती है। टेस्ट परीक्षा और उसके बाद होने वाली क्विज प्रतियोगिता बच्चों को अपनी तैयारी पर ध्यान देने तथा ज्ञान बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी।
समिति की यह 12 साल पुरानी परंपरा गांव के धार्मिक आयोजन को बच्चों की प्रतिभा और शिक्षा से जोड़ती है। मां दुर्गा की आराधना के बीच बच्चों के लिए इस तरह की गतिविधियों का आयोजन दशहरा उत्सव को एक अलग स्वरूप देता है।
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