रांची: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान की तस्वीर बदलने का दावा किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने रिम्स को लेकर ऐसा रोडमैप सामने रखा है, जिसमें इलाज से लेकर सफाई और मरीजों की सुविधा तक बड़े बदलाव शामिल हैं।
स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में हुई रिम्स गवर्निंग बॉडी की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। सबसे बड़ा ऐलान — अस्पताल में 200 नए वेंटिलेटर लगाए जाएंगे, ताकि गंभीर मरीजों को इलाज के लिए इंतजार न करना पड़े।
“रिम्स का टॉयलेट एयरपोर्ट जैसा होगा!”
रिम्स की सफाई व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने बड़ा कदम उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अस्पताल के शौचालयों को एयरपोर्ट की तर्ज पर आधुनिक और साफ-सुथरा बनाया जाएगा।
हाल में वायरल हुए गंदगी से जुड़े वीडियो पर चिंता जताते हुए मंत्री ने अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया।
मरीजों के लिए ‘सहायक’ बनेंगे वार्ड बॉय
दूर-दराज से आने वाले मरीजों और परिजनों की परेशानी को देखते हुए वार्ड बॉय की नियुक्ति का फैसला लिया गया है। ये मरीजों को सही विभाग, डॉक्टर और जांच केंद्र तक पहुंचाने में मदद करेंगे।
हॉस्टल व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव
रिम्स के हॉस्टलों को अब पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर चलाने की तैयारी है। इसके जरिए छात्रों और रेजिडेंट डॉक्टरों को बेहतर सुविधाएं देने का लक्ष्य रखा गया है।
250 नई PG सीटों से बढ़ेगी विशेषज्ञों की ताकत
बैठक में रिम्स में 250 नई पीजी सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। मंजूरी मिलने के बाद नए भवन, फैकल्टी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने की योजना है।
स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया कि आने वाले एक महीने में रिम्स में बदलाव नजर आने लगेंगे। अब सबसे बड़ा सवाल यही है — क्या फैसले कागज से निकलकर अस्पताल की जमीन पर भी उतने ही तेजी से उतरेंगे?
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