कामरेड चंदू की शहादत को याद कर लिया संकल्प
सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकार देश के नौजवानों के लिए कुछ नहीं कर पाई। चंदू की शहादत को याद करते हुए उनके अधूरे अरमानों को पूरा करने का संकल्प लिया गया।

इंकलाबी नौजवान सभा की ओर से ससबहना के नवजीवन विद्यालय के सभागार में कॉमरेड चंद्रशेखर प्रसाद उर्फ चंदू जी का शहादत दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में भाकपा माले के प्रखंड सचिव कमलेश मानव, किसान महासभा के प्रखंड सचिव विशेश्वर महतो, मंगल चौहान, इंकलाबी नौजवान सभा के जिला संयोजक प्रवीण सिंह कुशवाहा और इनौस के दर्जनों सदस्य मौजूद रहे।
कॉमरेड चंदू जेएनयू छात्र संघ के दो बार अध्यक्ष रह चुके थे। वक्ताओं ने कहा कि आज देश में भयावह स्थिति है। आरएसएस और भाजपा की सरकार गरीबों को अनपढ़ रखने की साजिश कर रही है। नौजवानों से रोजगार छीना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नौजवानों का सम्मान अमेरिका के हाथों गिरवी रख दिया है। आजादी के बाद पहली बार भारतीयों को बेड़ियों में जकड़ कर भेजा गया है।
प्रवीण सिंह कुशवाहा ने बताया कि कॉमरेड चंदू ने उस दौर में न्याय के लिए अपनी जान दी, जब सिवान में शहाबुद्दीन को आतंक का पर्याय माना जाता था। चंदू गरीब, शोषित, वंचित, किसान और नौजवानों की लड़ाई लड़ने वाले क्रांतिकारी थे। उनकी हत्या सिवान में एक नुक्कड़ सभा के दौरान करवाई गई थी। हत्या के पीछे सामंती सोच रखने वाले शहाबुद्दीन का हाथ था।