रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में स्थानीय कलाकारों, कुम्हारों और हस्तशिल्पियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। पारंपरिक कला और स्थानीय हुनर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में आर्टिसन मीट और क्लस्टर विजिट को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कलाकारों ने हिस्सा लिया। उपायुक्त ने कलाकारों से उनके पारंपरिक और आधुनिक उत्पादों की जानकारी ली और उनकी समस्याओं व जरूरतों पर विस्तार से चर्चा की।
कुम्हारों को मिलेगी तकनीकी और ऊर्जा सहायता
बैठक में उपायुक्त ने माटी कला बोर्ड को निर्देश दिया कि जिले के कुम्हार समूहों से उनकी जरूरतों से जुड़े प्रस्ताव लिए जाएं। खासकर ऐसे समूहों की पहचान करने को कहा गया जिन्हें काम को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने के लिए सोलर बिजली व्यवस्था की आवश्यकता है।
प्रशासन का उद्देश्य है कि कुम्हार और मिट्टी कला से जुड़े लोग आधुनिक सुविधाओं के साथ अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें।
महिला कलाकारों को SHG से जोड़ने की पहल
स्थानीय महिला कलाकारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए उन्हें स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जोड़ने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जेएसएलपीएस (JSLPS) को निर्देश दिया कि बड़े स्तर पर काम करने वाले एफपीओ (FPO) और स्वयं सहायता समूहों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि महिला कलाकारों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल सके।
कलाकारों का होगा आधिकारिक पंजीकरण
बैठक में उपायुक्त ने सभी कलाकारों से अपने समूह बनाकर आधिकारिक रूप से पंजीकरण कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंजीकरण होने से कलाकारों को सरकारी योजनाओं, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने में आसानी होगी।
उन्होंने कलाकारों को जिले की सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप आकर्षक आर्ट और क्राफ्ट तैयार करने के लिए प्रेरित किया, ताकि रामगढ़ की स्थानीय कला को नई पहचान मिल सके।
स्थानीय हुनर को मिलेगा बाजार
जिला प्रशासन का मानना है कि स्थानीय कलाकारों को प्रशिक्षण, संसाधन और सरकारी सहयोग मिलने से न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि जिले की पारंपरिक कला को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकती है।
बैठक में उप विकास आयुक्त रामगढ़, जिला योजना पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में रामगढ़ के कलाकार अपने हुनर को बड़े बाजार तक पहुंचा सकेंगे।
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