नालंदा: अस्थावां नगर पंचायत में व्यावसायिक वाहनों की सेरत बंदोबस्ती को लेकर विवाद गहरा गया है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब दो संवेदक आमने-सामने आ गए हैं, जिससे मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
जानकारी के अनुसार 8 अप्रैल को आयोजित बंदोबस्ती प्रक्रिया में दो संवेदकों ने भाग लिया था। प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक पक्ष के संवेदक अजीत बिहार ने दावा किया कि बंदोबस्ती उनके पक्ष में कर दी गई है। वहीं दूसरे संवेदक विनय कुमार ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे नियमों के खिलाफ बताया है।
विनय कुमार का आरोप है कि बंदोबस्ती के दौरान जरूरी दस्तावेज, खासकर आयकर रिटर्न से जुड़े कागजात, पूरी तरह प्रस्तुत नहीं किए गए थे, इसके बावजूद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। उन्होंने पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े किए हैं।
मामले को बढ़ता देख कार्यपालक अभियंता ने हस्तक्षेप किया और सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए 9 अप्रैल की तिथि निर्धारित की। इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी करने की बात कही गई है।
फिलहाल दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और नगर पंचायत में इस मुद्दे को लेकर हलचल तेज है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सेरत बंदोबस्ती किसे मिलती है और क्या प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो पाती है या विवाद और गहराता है।
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नालंदा से वीरेंद्र कुमार की रिपोर्ट…