लखीसराय: जिले में संभावित छात्र आंदोलन को लेकर शुक्रवार सुबह से ही प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। हालात को देखते हुए एसडीपीओ शिवम् कुमार और एसडीएम प्रभाकर कुमार खुद शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में पहुंचे और संचालकों व छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की।
प्रशासन की अपील के दौरान छात्रों ने वर्ष 2022 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जब वे केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना के विरोध में सड़कों पर उतरे थे, तब हालात काफी भयावह हो गए थे। छात्रों ने प्रशासन को याद दिलाया कि उसी दौरान लखीसराय स्टेशन पर नई दिल्ली–भागलपुर विक्रमशिला एक्सप्रेस को आग के हवाले कर दिया गया था, जिसमें कुछ ही समय में ट्रेन की बोगियां जलकर राख हो गई थीं।
इसी पृष्ठभूमि को देखते हुए इस बार प्रशासन कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है। कोचिंग संस्थानों और स्कूलों को बंद कराने के निर्देश दिए गए हैं, बावजूद इसके छात्रों की आवाजाही पूरी तरह थमी नहीं है।
रेलवे स्टेशनों पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। लखीसराय स्टेशन, किऊल जंक्शन के साथ-साथ बड़हिया, मनकट्ठा और मननपुर तक रेलवे और जिला प्रशासन की संयुक्त निगरानी चल रही है। सुरक्षा बलों को अलग-अलग शिफ्ट में तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से तुरंत निपटा जा सके।
ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों का कहना है कि पिछली घटना से सबक लेते हुए इस बार पहले से ही सतर्कता बरती जा रही है। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी है।
हालांकि प्रशासन लगातार शांति की अपील कर रहा है, लेकिन जिस तरह की आशंका जताई जा रही है, उससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। अब देखना होगा कि हालात काबू में रहते हैं या फिर आंदोलन उग्र रूप लेता है।
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