पटना: लखीसराय में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब Economic Offences Unit (EOU) की टीम अचानक सक्रिय हो गई। जिला प्रशासन से जुड़े कई पुराने फाइलों की जांच शुरू होते ही दफ्तरों में खलबली मच गई है।
सूत्रों के अनुसार, जांच का फोकस पूर्व जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र के कार्यकाल पर है। खास तौर पर शस्त्र लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया और कला-संस्कृति विभाग से जुड़ी फाइलों को खंगाला जा रहा है।
बताया जा रहा है कि EOU की टीम कई अहम दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। फाइलों की पड़ताल के दौरान वित्तीय अनियमितताओं और प्रक्रियागत गड़बड़ियों की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी तक किसी बड़े खुलासे की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह से जांच का दायरा बढ़ रहा है, उससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।
गौरतलब है कि आर्थिक अपराध इकाई बिहार पुलिस की एक विशेष शाखा है, जिसे दिसंबर 2011 में गठित किया गया था। यह इकाई भ्रष्टाचार, संगठित अपराध, साइबर फ्रॉड और बड़े आर्थिक घोटालों की जांच के लिए जानी जाती है और राज्य के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर राज्य के बाहर भी कार्रवाई कर सकती है।
जिला मुख्यालय में EOU की हलचल के बाद कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच चर्चा का बाजार गर्म है। कई लोग इसे बड़े एक्शन की शुरुआत मान रहे हैं, तो कुछ इसे सामान्य जांच बता रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर भी चर्चाएं तेज हैं कि अगर जांच में गड़बड़ी साबित होती है, तो आने वाले दिनों में कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल EOU की टीम चुपचाप दस्तावेजों की जांच में जुटी है, लेकिन लखीसराय में इस कार्रवाई ने प्रशासनिक हलकों में हलचल जरूर बढ़ा दी है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि इस जांच से क्या खुलासा होता है और क्या यह कार्रवाई किसी बड़े खुलासे का संकेत है।
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