लखीसराय। मार्च के आखिरी सप्ताह में आई आंधी-तूफान और बेमौसम बारिश के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। बुधवार को जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में कृषि विभाग की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें फसल नुकसान से लेकर उर्वरक संकट तक कई अहम मुद्दों पर मंथन किया गया।
बैठक में साफ संदेश दिया गया—किसानों को किसी भी हाल में खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए अधिकारियों को POS सिस्टम में दर्ज उर्वरकों का 100% भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी या कमी की गुंजाइश न रहे।
सिर्फ उपलब्धता ही नहीं, बल्कि खाद के सही उपयोग पर भी फोकस किया गया। DM ने निर्देश दिया कि हर पंचायत से कम से कम 5 ऐसे किसानों को चिन्हित किया जाए, जो जरूरत से ज्यादा रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल करते हैं। इन किसानों को अब प्राकृतिक और जैविक खाद अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे मिट्टी की सेहत सुधरे और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे।
उधर, आंधी और बारिश से हुई फसल क्षति का जल्द आकलन करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश मिला कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर जल्द रिपोर्ट दें, ताकि किसानों को समय पर सरकारी सहायता मिल सके।
बैठक में यह भी साफ किया गया कि “किसानों का हित सर्वोपरि है” और सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ काम कर हर जरूरी कदम उठाएंगे।
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