नालंदा: कभी आर्थिक अपराध और कथित साइबर नेटवर्क से जुड़े चर्चित नामों में शामिल रहे संजय कुमार सिंह उर्फ संटु सिंह पर आखिरकार कानून का शिकंजा कस गया। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) पटना ने करीब नौ साल पुराने मामले में कार्रवाई करते हुए तेलमर थाना क्षेत्र से उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी वर्ष 2017 में दर्ज आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या-08/17 में पटना व्यवहार न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंट के आधार पर की गई। EOU की टीम ने तेलमर पुलिस के सहयोग से कार्रवाई को अंजाम दिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए आर्थिक अपराध इकाई के हवाले कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार, संजय कुमार सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोपों में मामला दर्ज है। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 419, 420, 467, 468, 471, 201 और 120(बी) के तहत कार्रवाई चल रही है।
पुराने ‘साइबर कनेक्शन’ की फिर चर्चा
स्थानीय लोगों के बीच एक बार फिर संटु सिंह के पुराने मामलों की चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि जब साइबर अपराध की दुनिया अभी शुरुआती दौर में थी, उस समय उसका नाम कथित रूप से एक बड़े नेटवर्क से जोड़ा जाता था। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच व न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
स्थानीय चर्चाओं के मुताबिक, उस दौर में उसने काफी संपत्ति अर्जित की थी और पटना के आदर्श नगर सहित कई जगहों पर जमीन खरीदने की बातें सामने आती रही हैं।
बदल चुका था रहन-सहन, चला रहा था कारोबार
बताया जाता है कि पिछले कुछ वर्षों से संजय सिंह अपने भाइयों के साथ ग्रिल निर्माण और बिक्री के कारोबार से जुड़ा था और सामान्य कारोबारी की तरह जीवन बिता रहा था। लेकिन पुराने मामले में लंबित वारंट ने एक बार फिर उसकी मुश्किलें बढ़ा दीं।
तेलमर थाना अध्यक्ष चंद्रशेखर ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि EOU की टीम न्यायालय के वारंट के साथ पहुंची थी। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को EOU के सुपुर्द कर दिया गया है।
नौ साल पुराने मामले में हुई इस गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसी की नजर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित नेटवर्क पर भी है।
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