गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले से एक बेहद दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गोपालगंज के बरौली थाना क्षेत्र स्थित कहला गांव में 16 वर्षीय किशोरी ज्योति कुमारी की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर फैल गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ज्योति कुमारी को मोबाइल फोन का अत्यधिक इस्तेमाल करने की आदत थी। वह लंबे समय तक मोबाइल पर गेम खेलने और सोशल मीडिया का उपयोग करती थी, जिससे परिवार के सदस्य चिंतित रहते थे। बताया जाता है कि शनिवार को इसी बात को लेकर उसकी मां ने उसे फटकार लगाई थी।
परिजनों के अनुसार, मां की डांट के बाद ज्योति अपने कमरे में चली गई और दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक कमरे से कोई आवाज या प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर परिवार के लोगों को संदेह हुआ। दरवाजा खटखटाने के बावजूद जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, तो परिजनों ने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए—किशोरी अचेत अवस्था में पाई गई।
मृतका के पिता सुनील यादव और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि मोबाइल के अत्यधिक उपयोग को लेकर अक्सर उसे समझाया जाता था, लेकिन स्थिति धीरे-धीरे गंभीर होती चली गई।
घटना की सूचना मिलते ही बरौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है।
यह घटना आज के दौर में बच्चों और किशोरों के बीच बढ़ती डिजिटल निर्भरता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। पढ़ाई के नाम पर बच्चों को दिया जाने वाला मोबाइल, यदि नियंत्रण में न रहे, तो यह मानसिक दबाव और अलगाव का कारण बन सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अभिभावकों को बच्चों के स्क्रीन टाइम पर नजर रखने के साथ-साथ उनसे संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है। बच्चों को समय-समय पर मानसिक सहयोग, सही मार्गदर्शन और संतुलित दिनचर्या देना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है।
फिलहाल इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। यह सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि बच्चों की आदतों और मानसिक स्थिति को समय रहते समझना और संभालना बेहद जरूरी है।
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