पटना में सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान एक घटनाक्रम सामने आया, जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा को जन्म दे दिया है। मुख्यमंत्री आवास में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 1283 आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए, जिनमें आयुर्वेदिक, होमियोपैथिक और यूनानी चिकित्सक शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिला आयुष चिकित्सक नुसरत परवीन को नियुक्ति पत्र सौंपा। इसके बाद उन्होंने महिला के हिजाब की ओर इशारा करते हुए पूछा कि “ये क्या है जी।” महिला चिकित्सक द्वारा हिजाब बताए जाने पर मुख्यमंत्री ने उसे हटाने को कहा और फिर स्वयं अपने हाथ से महिला का हिजाब हटा दिया। इस दौरान महिला कुछ क्षणों के लिए असहज नजर आईं, जबकि कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोग हंसते हुए भी दिखाई दिए। इसके बाद अधिकारियों ने महिला चिकित्सक को नियुक्ति पत्र दोबारा सौंपा और उन्हें आगे बढ़ने का संकेत दिया।
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इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी शुरू हो गई हैं। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने वीडियो साझा करते हुए मुख्यमंत्री के व्यवहार पर सवाल उठाए और तीखी टिप्पणी की। वहीं, सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं।
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उल्लेखनीय है कि नियुक्त किए गए 1283 आयुष चिकित्सकों में 685 आयुर्वेदिक, 393 होमियोपैथिक और 205 यूनानी चिकित्सक शामिल हैं। इन चिकित्सकों की तैनाती ‘राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम’ के तहत संचालित चलंत चिकित्सा दलों, विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों की ओपीडी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्य कार्यक्रमों में की जा रही है। इसका उद्देश्य स्कूलों में बच्चों की स्वास्थ्य जांच को मजबूत करना और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाना है।
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फिलहाल इस घटनाक्रम को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय या राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन यह मामला राज्य की राजनीति और सार्वजनिक विमर्श में चर्चा का विषय बना हुआ है।






