बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। लंबे समय से मुख्यमंत्री पद संभाल रहे Nitish Kumar ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। इसके बाद यह लगभग साफ हो गया है कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं और राज्य को जल्द नया मुख्यमंत्री मिल सकता है।
सूत्रों के अनुसार राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया 16 मार्च तक चलेगी और नए सदस्यों को 9 अप्रैल के बाद शपथ दिलाई जाएगी। ऐसे में बिहार में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया भी इसी समय सीमा के आसपास पूरी होने की संभावना जताई जा रही है।
एनडीए खेमे के अंदर चल रही चर्चाओं के मुताबिक रामनवमी से पहले नई सरकार का गठन हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह पहली बार होगा जब बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बन सकता है। नई सरकार में लगभग 32 मंत्रियों के साथ पूर्ण मंत्रिमंडल के गठन की तैयारी की बात कही जा रही है।
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संभावित फार्मूले के मुताबिक 14 मंत्री भाजपा से, 14 जदयू से, जबकि दो मंत्री Lok Janshakti Party (Ram Vilas) से और एक-एक मंत्री Rashtriya Lok Morcha तथा Hindustani Awam Morcha से शामिल हो सकते हैं।
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हालांकि सरकार गठन से पहले स्पीकर और गृह विभाग को लेकर खींचतान की खबरें भी सामने आ रही हैं। जदयू इन दोनों पदों पर दावा कर रही है, जबकि भाजपा इन्हें अपने पास ही रखना चाहती है। गृह विभाग 2005 के बाद पहली बार भाजपा के पास आया है, इसलिए पार्टी इसे छोड़ने के मूड में नहीं दिख रही।
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मुख्यमंत्री पद की दौड़ में फिलहाल दो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। इनमें पहला नाम मौजूदा डिप्टी सीएम Samrat Choudhary का है। वे कोइरी समाज से आते हैं और बिहार की राजनीति में कुर्मी-कोइरी यानी लव-कुश समीकरण के लिहाज से भाजपा के लिए मजबूत चेहरा माने जाते हैं। उनकी आक्रामक शैली और संगठनात्मक अनुभव भी उन्हें मजबूत दावेदार बनाता है।
दूसरा नाम मौजूदा डिप्टी सीएम Vijay Kumar Sinha का है। उन्हें संघ का भरोसेमंद नेता माना जाता है और वे लंबे समय से लखीसराय से विधायक हैं। मंत्री और विधानसभा स्पीकर के तौर पर भी वे अपनी पहचान बना चुके हैं। प्रधानमंत्री Narendra Modi और गृह मंत्री Amit Shah के करीबी नेताओं में भी उनका नाम लिया जाता है।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि भाजपा किसी अत्यंत पिछड़ा वर्ग यानी ईबीसी नेता को मुख्यमंत्री बनाकर सबको चौंका सकती है। हाल ही में अमित शाह की पटना यात्रा के दौरान कुछ ईबीसी विधायकों से हुई मुलाकात को इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
वहीं जदयू कोटे से दो डिप्टी सीएम बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। इस पद के लिए नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले वरिष्ठ नेता Vijay Kumar Chaudhary का नाम भी चर्चा में है।
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फिलहाल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राज्यसभा जाने के फैसले के बाद यह साफ संकेत मिल रहा है कि बिहार की राजनीति जल्द ही एक नए दौर में प्रवेश करने वाली है।