पटना में MLC चुनाव को लेकर सियासी हलचल के बीच RJD में अंदरूनी नाराजगी खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और SC-ST प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवचंद्र राम का दर्द कैमरे के सामने छलक पड़ा। MLC टिकट नहीं मिलने से आहत शिवचंद्र राम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फूट-फूटकर रोने लगे और अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें विधान परिषद भेजने का वादा किया था, लेकिन अंतिम समय में वादाखिलाफी कर दी गई। आंखों में आंसू लिए उन्होंने कहा, “मैं 4 रात से सो नहीं पाया हूं… ऐसी जिंदगी भगवान किसी को ना दे।”
दरअसल, RJD की ओर से MLC चुनाव के लिए सुनील सिंह के नामांकन के बाद शिवचंद्र राम की नाराजगी खुलकर सामने आई। वे खुद भी दावेदार माने जा रहे थे और दलित चेहरे के तौर पर उनकी दावेदारी मजबूत बताई जा रही थी।
शिवचंद्र राम ने अपने इस्तीफे में साफ किया कि उन्होंने सिर्फ संगठनात्मक पद छोड़ा है, पार्टी की सदस्यता नहीं। वे आगे भी RJD के सक्रिय सदस्य बने रहेंगे।
उन्होंने कहा कि वे 1990 से सामाजिक न्याय की विचारधारा और RJD के साथ जुड़े हैं। गांव-गांव जाकर संगठन को मजबूत किया, हर कठिन समय में पार्टी के साथ खड़े रहे, लेकिन आज उन्हें नजरअंदाज किया गया।
शिवचंद्र राम ने आरोप लगाया कि इस फैसले से दलित और रविदास समाज में भारी निराशा है। उन्होंने कहा कि समाज के लोग उनसे सवाल कर रहे हैं, जिसका जवाब उनके पास नहीं है।
उन्होंने पार्टी नेतृत्व से मांग की कि भविष्य में विधान परिषद और राज्यसभा में दलित, आदिवासी, पिछड़ा और अल्पसंख्यक समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए।
इस पूरे घटनाक्रम ने RJD के अंदर चल रही खींचतान और असंतोष को उजागर कर दिया है। चुनावी माहौल में इस तरह की भावनात्मक प्रतिक्रिया पार्टी के लिए बड़ा सियासी संकेत मानी जा रही है।
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