लखीसराय: मातृ दिवस के अवसर पर शहर के लाल इंटरनेशनल स्कूल में भावनाओं से भरा भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां बच्चों ने चित्रकारी और निबंध के माध्यम से मां के निःस्वार्थ प्रेम और त्याग के प्रति आभार व्यक्त किया। पूरे परिसर में ममता, संस्कार और स्नेह का अद्भुत संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल की चेयरपर्सन ममता देवी ने की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मां केवल एक शब्द नहीं, बल्कि जीवन की सबसे बड़ी शक्ति और प्रेरणा है। कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी कलाकृतियों और लेखन के जरिए यह संदेश दिया कि मां का स्थान जीवन में सबसे ऊपर है।

स्कूल की प्राचार्य मनीषा कुमारी और डायरेक्टर मुकेश कुमार ने बच्चों के बीच टॉफी और खिलौने बांटकर खुशियां साझा कीं। बच्चों को गले लगाकर उनका उत्साह बढ़ाया और मातृ दिवस के महत्व को समझाया। कार्यक्रम में अभिभावकों की भी सक्रिय भागीदारी रही, जिससे माहौल और भी भावुक और पारिवारिक हो गया।

इस दौरान छात्रा सलोनी और वैष्णवी ने मां की ममता, साहस और असीम प्रेम पर आधारित एक भावपूर्ण गीत प्रस्तुत कर सभी को भावुक कर दिया। बच्चों की सुंदर पेंटिंग्स और निबंधों ने यह साबित किया कि मां का प्यार ही जीवन की सबसे बड़ी ताकत है।

इसी बीच कार्यक्रम में एक ऐसा भावुक पल भी आया, जिसने सभी की आंखें नम कर दीं। एक अभिभावक जब अपनी बेटी से मिलने स्कूल पहुंचे, तो बेटी उन्हें देखते ही दौड़कर गले लग गई और फूट-फूट कर रोने लगी। उस पल शब्द भले खामोश थे, लेकिन पिता-पुत्री के रिश्ते की गहराई साफ नजर आ रही थी।

यह दृश्य यह बताने के लिए काफी था कि पिता सिर्फ अभिभावक नहीं, बल्कि बेटी के पहले हीरो, सबसे करीबी दोस्त और सबसे सुरक्षित सहारा होते हैं। बेटियां चाहे जितनी बड़ी हो जाएं, पिता के स्नेह की जरूरत कभी कम नहीं होती।

कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के मन में मातृत्व और पारिवारिक मूल्यों के प्रति सम्मान और प्रेम को और मजबूत करना था। अंत में सभी माताओं को समर्पित संदेश दिया गया कि उनका प्यार ही बच्चों की सबसे बड़ी ताकत है।
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