विश्व मलेरिया दिवस पर गुरुवार को जिला स्तर पर जागरूकता रथ को रवाना किया गया। सिविल सर्जन डॉ.संजय कुमार ने बताया कि यह रथ माईर्किंग के जरिए लोगों को मलेरिया से बचाव की जानकारी देगा। मलेरिया के इलाज की सुविधा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सदर अस्पताल में उपलब्ध है।
डॉ. संजय ने कहा कि मलेरिया के लक्षणों में उल्टी आना, चक्कर आना, तेज बुखार और अत्यधिक पसीना शामिल हैं। ये लक्षण नियमित अंतराल पर दिखे तो तुरंत जांच कराना जरूरी है। यह बीमारी घातक हो सकती है। इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए।
यह बीमारी एनाफिलीज मच्छर के काटने से होती है। इसलिए आसपास जल जमाव न होने दें। रात में मच्छरदानी का प्रयोग करें। कार्यक्रम में डॉ. रवि रंजन, वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी श्याम सुंदर कुमार, नेहा कुमारी समेत कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।