शेखपुरा: नशे के खिलाफ अब महिलाएं भी खुलकर मैदान में उतर रही हैं। बिहार को नशामुक्त और खुशहाल बनाने के संकल्प के साथ गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। जीविका एवं प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, शेखपुरा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में 150 से अधिक महिलाओं, जीविका दीदियों, संकुल संघ के कैडरों और स्वयं सहायता समूह की सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान दीप प्रज्वलित कर अभियान का शुभारंभ किया गया। इसके बाद महिलाओं ने जागरूकता रैली निकाली और स्वयं, अपने परिवार तथा समाज को नशामुक्त बनाने की सामूहिक शपथ ली।
दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ जागरूकता अभियान
कार्यक्रम की शुरुआत जीविका दीदियों, ब्रह्माकुमारी संस्थान की बहनों और प्रखंड परियोजना प्रबंधक (BPM) की संयुक्त उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद आयोजित परिचर्चा में ब्रह्माकुमारी बहनों ने नशे के दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार की सुख-शांति, आर्थिक स्थिति और सामाजिक प्रतिष्ठा को भी प्रभावित करती है। नशे से दूर रहने और मानसिक शांति के लिए राजयोग ध्यान के महत्व को भी समझाया गया।
हाथों में तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरीं जीविका दीदियां
परिचर्चा के बाद अरियरी प्रखंड के मुख्य बाजार, गांवों और टोलों में जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में शामिल महिलाओं के हाथों में नशामुक्ति से जुड़े संदेश लिखी तख्तियां थीं। इस दौरान ‘नशा छोड़ो-परिवार जोड़ो’, ‘नशा मुक्त बिहार-खुशहाल बिहार’ और ‘नशा है विनाश का द्वार’ जैसे नारों से लोगों को जागरूक किया गया।
रैली के माध्यम से आम लोगों से अपील की गई कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करें।
गांव-गांव तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने का संकल्प
कार्यक्रम की खास बात जीविका दीदियों की सक्रिय भागीदारी रही। महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने ग्राम संगठनों और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश हर परिवार तक पहुंचाएंगी। उनका प्रयास रहेगा कि ग्रामीण स्तर पर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए।
कार्यक्रम के अंत में मौजूद 150 से अधिक महिलाओं और ग्रामीणों को स्वयं, अपने परिवार और समाज को हर प्रकार के व्यसन से मुक्त रखने की सामूहिक शपथ दिलाई गई। सभी ने स्वस्थ, सुरक्षित और खुशहाल समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
इस पहल के जरिए जीविका दीदियों और ब्रह्माकुमारी बहनों ने संदेश दिया कि नशामुक्त बिहार का सपना तभी साकार होगा, जब जागरूकता घर-घर पहुंचेगी और महिलाएं सामाजिक बदलाव की मजबूत भागीदार बनेंगी।
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