मुजफ्फरपुर: गोबरसही-डुमरी रोड पर सोमवार को पीएनजी गैस पाइपलाइन फटने के बाद हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। नाला निर्माण के दौरान जेसीबी से खुदाई किए जाने के क्रम में करीब 10 फीट नीचे पीएनजी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद करीब दो घंटे तक गैस रिसाव होता रहा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, रिसाव की जानकारी होने के बावजूद खतरे का अंदाजा नहीं लग पाया और अचानक जोरदार धमाका हो गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास खड़ी बाइक और अन्य वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। करीब 100 मीटर के दायरे में कई मकानों की खिड़कियां-दरवाजे टूट गए और दुकानों के शटर तक अंदर की ओर धंस गए।
इस हादसे में साइंस कोचिंग संचालक श्रीनिवास सिंह की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए। अलग-अलग अस्पतालों में घायलों का इलाज कराया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके के समय सड़क से गुजर रहे एक व्यक्ति की बाइक उछल गई और वह करीब 10 फीट दूर जाकर गिरा। उसे कुछ देर तक होश नहीं रहा और उसके दाहिने हाथ में चोट आई। उसके सिर के बाल भी झुलस गए। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकलकर दूर भागने लगे।
दो घंटे तक होता रहा गैस का रिसाव, फिर अचानक हुआ विस्फोट
स्थानीय लोगों के अनुसार, गोबरसही-डुमरी रोड पर नाला निर्माण का काम चल रहा था। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे जेसीबी से खुदाई के दौरान पीएनजी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइप फटने के बाद गैस का रिसाव शुरू हो गया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वह करीब दो घंटे के दौरान तीन बार घटनास्थल से गुजरा और हर बार उसे गैस रिसाव होता दिखाई दिया।
उसने बताया कि आखिरी बार जब वह बाइक से वहां से गुजर रहा था, तभी अचानक जोरदार धमाका हो गया। विस्फोट के प्रभाव से उसकी बाइक हवा में उछल गई और वह करीब 10 फीट दूर जाकर गिर पड़ा। कुछ सेकेंड तक उसे होश नहीं रहा। उसके दाहिने हाथ में चोट आई और सिर के बाल भी झुलस गए। इस घटना ने आसपास मौजूद लोगों को दहशत में डाल दिया।
100 मीटर तक टूटे मकानों के शीशे, दुकानें और वाहन क्षतिग्रस्त
धमाके के बाद घटनास्थल का मंजर बेहद भयावह था। सड़क किनारे खड़ी एक जेसीबी, वैशाली नंबर की थार, एक पिकअप और कतार में लगी छह बाइक क्षतिग्रस्त मिलीं। एक स्कूटी भी बुरी तरह टूट गई। इसी स्कूटी पर सवार कोचिंग संचालक श्रीनिवास सिंह विस्फोट की चपेट में आए थे।
घटनास्थल के सामने स्थित छह दुकानों के शटर टूटकर अंदर की ओर धंस गए। पास के तीन मकानों में भी नुकसान हुआ। जिस मकान के नीचे गैस रिसाव होने की बात सामने आई, वहां सबसे अधिक क्षति हुई। मकान के दरवाजे, खिड़कियां और दीवार के कुछ हिस्से टूटकर सड़क पर आ गिरे। आसपास के अन्य घरों को भी नुकसान पहुंचा। स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाके की आवाज दूर तक सुनाई दी और करीब 200 मीटर दूर रहने वाले लोगों को भी ऐसा लगा, मानो उनके घर की छत या दीवार गिर गई हो।
‘बाइक हवा में उछली, मैं 10 फीट दूर जाकर गिरा’
घायल रमन कुमार ने बताया कि घटना के समय उन्होंने हेलमेट और जूते पहन रखे थे, जिसके कारण उन्हें अपेक्षाकृत कम चोट आई। हालांकि, धमाके के बाद वह कुछ देर के लिए बेहोश हो गए थे। होश आने पर वह काफी डर गए और पीछे मुड़कर देखने की हिम्मत नहीं हुई। उन्होंने अपनी बाइक और सामान घटनास्थल पर ही छोड़ दिया और वहां से निकलकर अपने भाई को फोन किया। इसके बाद वह अस्पताल पहुंचे।
उनके मुताबिक, धमाका अचानक हुआ और उसकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि बाइक उछलकर दूर जा गिरी। इस दौरान उन्हें हाथ में चोट आई और सिर के बाल झुलस गए।
‘ऐसा लगा जैसे कोई बड़ा बम फट गया हो’
घटनास्थल से दो मकान बाद रहने वाले अमित कुमार ने बताया कि वह घर की रसोई में हाथ धो रहे थे। तभी अचानक बहुत तेज आवाज हुई। धमाका इतना जोरदार था कि उन्हें लगा जैसे कोई बड़ा बम फट गया हो। घर की खिड़कियां और दरवाजे टूटकर गिरने लगे। उनके पिता के पैर में चोट आई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनके पैर में 18 टांके लगाए।
वहीं, घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर रहने वाले अविनाश कुमार ने बताया कि धमाके की आवाज सुनकर उन्हें लगा कि घर की छत या दीवार गिर रही है। वह बाहर निकले तो देखा कि पूरी कॉलोनी के लोग सड़क पर जमा थे। शुरुआत में किसी को घटना की वजह समझ में नहीं आई। कुछ लोगों को ट्रांसफॉर्मर फटने की आशंका हुई, लेकिन घटनास्थल पर पहुंचने के बाद पीएनजी गैस पाइपलाइन से रिसाव और विस्फोट की जानकारी मिली।
गैस की दुर्गंध बढ़ी तो परिवार लेकर घर से भागे लोग
स्थानीय निवासी चंदन कुमार ने बताया कि गैस रिसाव की दुर्गंध बढ़ने के बाद वह अपने पूरे परिवार को लेकर घर से बाहर निकल गए। सभी लोग घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर तक भागे। कुछ ही देर में आसपास धुआं फैल गया और लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। उनके मुताबिक, लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे। घटना के बाद इलाके में कुछ देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा।
बेटे की फीस जमा कर लौट रहे थे श्रीनिवास, स्कूटी समेत आए धमाके की चपेट में
इस हादसे में जान गंवाने वाले श्रीनिवास सिंह श्रीनगर कॉलोनी के निवासी थे। उनके पिता श्याम नंदन चौधरी उत्पाद विभाग में दरोगा पद से सेवानिवृत्त हैं। श्रीनिवास खुद साइंस विषय के कोचिंग संचालक थे। मिली जानकारी के अनुसार, वह अपने बेटे की फीस जमा करने के लिए गए थे। वहां से स्कूटी से लौटने के दौरान गोबरसही-डुमरी रोड पर हुए विस्फोट की चपेट में आ गए। हादसे में उनकी मौत हो गई। उनकी मौत से परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है।
अलग-अलग अस्पतालों में घायलों का इलाज
हादसे में घायल कई लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गोबरसही स्थित आशा हॉस्पिटल में चार घायलों का इलाज चल रहा था। इनमें मुकेश कुमार (20), सोनम कुमारी (36), मो. अयान (17) और रुकसाना खातून (40) शामिल हैं। अयान और रुकसाना मां-बेटे हैं।
प्रशासन के अनुसार, दो गंभीर घायलों को एसकेएमसीएच और दो अन्य को सदर अस्पताल भेजा गया। इसके अलावा जय मंगल साह, रणधीर कुमार, अशोक कुमार राय, अवधेश कुमार, अमरजीत कुमार, ललन कुमार, विजय राम, संजू देवी और अंजली देवी समेत अन्य लोगों को भी चोटें आईं। जिन लोगों को हल्की चोटें आई थीं, वे इलाज के बाद घर लौट गए।
शव पहुंचते ही सड़क जाम, मुआवजे और कार्रवाई की मांग
श्रीनिवास सिंह का पोस्टमॉर्टम होने के बाद सोमवार देर रात शव घर पहुंचा तो परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। लोगों ने गोबरसही चौक पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। उनकी मांग थी कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
मौके पर पहुंचे नगर विधायक रंजन कुमार ने लोगों से बातचीत की और उनकी मांगों को प्रशासन के सामने रखा। विधायक ने आरोप लगाया कि नाला निर्माण के दौरान ठेकेदार की गंभीर लापरवाही के कारण पीएनजी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्माण कार्य के लिए एग्रीमेंट में सुरक्षा से संबंधित शर्तें होती हैं। चालू सड़क पर काम के दौरान रोड सेफ्टी का ध्यान रखना जरूरी है, लेकिन उनके मुताबिक इस मामले में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई।
विधायक ने ठेकेदार और गैस आपूर्ति व्यवस्था पर उठाए सवाल
विधायक रंजन कुमार ने कहा कि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद गैस का रिसाव शुरू हुआ और करीब एक घंटे बाद विस्फोट हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि रिसाव की स्थिति में गैस आपूर्ति बंद करने और वाल्व बंद करने के लिए संबंधित कंपनी की ओर से समय रहते कदम क्यों नहीं उठाए गए।
विधायक ने बताया कि मृतक के परिजन हादसे के लिए जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी बातचीत की गई है। मुख्यमंत्री के दिल्ली से लौटने के बाद उनसे मुलाकात कर मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने का अनुरोध किया जाएगा।
डीएम ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई, 24 घंटे में रिपोर्ट का निर्देश
घटना को गंभीरता से लेते हुए डीएम कुमार गौरव ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। कमेटी में एसडीओ पूर्वी और जिला अग्निशमन पदाधिकारी को शामिल किया गया है।
डीएम ने कमेटी को 24 घंटे के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। जांच में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की परिस्थितियों, निर्माण कार्य के दौरान अपनाए गए सुरक्षा इंतजामों और गैस रिसाव के बाद की गई कार्रवाई की पड़ताल की जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद हादसे की जिम्मेदारी और लापरवाही से जुड़े तथ्यों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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