समस्तीपुर: कानून व्यवस्था और अदालत के आदेश का पालन कराने के लिए अपनी जान हथेली पर रखकर काम करने वाले हमारे पुलिस के जवानों की दर्दनाक हकीकत समस्तीपुर से सामने आई है। जहाँ फर्ज निभा रही पुलिस और प्रशासन की टीम पर उग्र भीड़ ने इस कदर हमला किया कि कानून की रक्षा करने वालों को ही अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा।
विभूतिपुर थाना क्षेत्र के सिरसी गाँव में अदालत और प्रशासनिक आदेश के तहत जमीन पर दखल-कब्जा और सीमांकन कराने पहुँची टीम को जिस तरह की बर्बरता का सामना करना पड़ा, उसकी रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीरें अब 11 दिन बाद वायरल हो रही हैं।

तस्वीरों में साफ़ देखा जा सकता है कि कैसे दिन-रात जनता की सुरक्षा में मुस्तैद रहने वाली पुलिस टीम पर असामाजिक तत्व लाठी-डंडों के साथ टूट पड़े। सबसे विचलित करने वाला दृश्य महिला पुलिसकर्मियों की स्थिति का रहा। उग्र भीड़ के सिर पर खून सवार था, और अगर मौके पर मौजूद पुरुष पुलिस जवान ढाल बनकर खड़े न होते, तो महिला पुलिसकर्मियों के साथ कोई बहुत बड़ी अनहोनी घटना घट सकती थी।
भीड़ के रौद्र रूप और हिंसक इरादों को देखते हुए, पुरुष पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपनी सहकर्मी महिला जवानों को चारों तरफ से घेरा और सुरक्षा का घेरा बनाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। स्थिति इतनी खौफनाक और अनियंत्रित थी कि अपनी जान बचाने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को एक ही गाड़ी में किसी तरह ठूँस-ठूँस कर भागना पड़ा।
सोचिए, जो वर्दी पूरे समाज को सुरक्षा का अहसास कराती है, उसी वर्दी में मौजूद हमारी महिला जवान उग्र और असभ्य भीड़ के बीच घिरी हुई थर-थर काँपने को मजबूर हो गईं। अगर साथी पुलिस जवानों ने अदम्य साहस और समझदारी का परिचय न दिया होता, तो सिरसी गाँव में आज एक बहुत बड़ा हादसा दर्ज हो चुका होता।
घटना के बाद पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल कार्रवाई रोक दी ताकि किसी भी तरह की जान-माल की हिंसक क्षति न हो। लेकिन इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—अदालत के आदेश का पालन कराने गए उन अधिकारियों और जवानों का क्या कसूर था, जो सिर्फ अपना फर्ज निभा रहे थे?

फिलहाल, वायरल वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि विपरीत से विपरीत परिस्थितियों और हिंसक भीड़ के बीच भी हमारे पुलिस के जवान अपने साथियों और महिला कर्मियों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते हैं।
जाँच जारी है, और उम्मीद है कि वर्दी पर हाथ उठाने वाले और हमारी महिला जवानों को डराने वाले उपद्रवियों पर कानून का सबसे सख्त डंडा जल्द चलेगा।