शेखपुरा: सोमवार को शेखपुरा की सड़कों पर कांग्रेस का विरोध मार्च सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर पार्टी के सवालों का खुला प्रदर्शन नजर आया। जिला कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुआ मार्च नारेबाजी करते हुए समाहरणालय तक पहुंचा। कार्यकर्ताओं के हाथों में पार्टी के मुद्दे थे और जुबान पर ‘वोट चोरी’ के आरोप।
मार्च का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंदी कुमार यादव ने किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने “वोट चोर कहां मिलेंगे, बीजेपी के दफ्तर में” जैसे नारे लगाकर अपना राजनीतिक विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर जो सवाल उठाए जा रहे हैं, उनका जवाब पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से मिलना चाहिए। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
प्रदेश कांग्रेस नेता जितेंद्र नाथ पटेल ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव और मतदाता सूची की विश्वसनीयता बेहद महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए और जनता के बीच स्पष्ट जवाब पहुंचना चाहिए।
कांग्रेस का यह प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी द्वारा चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर चलाए जा रहे अभियान से जुड़ा है। शेखपुरा में जिला कार्यालय से समाहरणालय तक निकले मार्च के जरिए स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इन मुद्दों को सड़क पर उठाया।
मार्च में राहुल कुमार, राजेश रंजन उर्फ गुरु मुखिया, विपिन चौरसिया, शंकर मुखिया, प्रेम कुमार गुप्ता, आमिर राज मंडल, गोरेलाल कुशवाहा, प्रमोद यादव, दीपक सिंह, संजय सिंह, तारीफ अनवर, सुभाष सिंह, भैया जी और गौतम साह समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
समाहरणालय पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर स्पष्टता की मांग दोहराई। शेखपुरा में कांग्रेस का यह मार्च स्थानीय स्तर पर चुनावी मुद्दों को लेकर पार्टी की सक्रियता का संदेश भी देता नजर आया।
ये खबर भी पढ़े: ‘शर्मिंदगी’ वाले बयान पर चिराग को रोहिणी का पलटवार, पूछा- इस्तीफे के लिए किस शुभ मुहूर्त का इंतजार?