मुंगेर: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गुरुवार को अपने गृह जिले मुंगेर और विधानसभा क्षेत्र तारापुर पहुंचे तो कार्यक्रमों में एक साथ भावनात्मक जुड़ाव और विकास का एजेंडा नजर आया। लखनपुर में अपनी मां पार्वती देवी की चौथी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री गंगटा मोड़ पहुंचे, जहां आयोजित विशाल जनसभा से राज्य के सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के खातों में अगस्त महीने की पेंशन राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी गई। उनके मुंगेर दौरे की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पहले से अलर्ट था।
मां की पुण्यतिथि पर भावुक दिखे मुख्यमंत्री
तारापुर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री सबसे पहले लखनपुर स्थित अपनी मां पार्वती देवी के पैतृक आवास पहुंचे। यहां उनकी चौथी पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने शांति पूजन और हवन में हिस्सा लिया। इसके बाद मां की आदमकद प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से गंगटा मोड़ पहुंचे। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और महिलाओं की भी अच्छी भागीदारी देखने को मिली।
बटन दबाते ही करोड़ों की पेंशन राशि खातों में
गंगटा मोड़ की जनसभा में मुख्यमंत्री ने डीबीटी के जरिए सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के खाते में अगस्त महीने की राशि हस्तांतरित की। सरकार के मुताबिक, 1 करोड़ 5 लाख 68 हजार लाभार्थियों के खातों में करीब 1,233 करोड़ 87 लाख रुपये भेजे गए।
मुख्यमंत्री के मुंगेर दौरे में सामाजिक सुरक्षा पेंशन का डीबीटी भुगतान कार्यक्रम प्रमुख हिस्सा था।
NH-333 के चौड़ीकरण समेत कई विकास योजनाओं की सौगात
गंगटा की जनसभा से मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लिए कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इनमें NH-333 के गंगटा से कोहबरवा मोड़ पथ के चौड़ीकरण की योजना भी शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क के चौड़ीकरण से मुंगेर, जमुई और आसपास के इलाकों के बीच आवागमन आसान होगा। बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
गंगटा और भीमबांध बनेंगे पर्यटन के बड़े केंद्र?
मुख्यमंत्री ने गंगटा और भीमबांध को बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही। खासकर भीमबांध को पर्यटन हब के तौर पर विकसित करने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में भीमबांध का दौरा भी शामिल था और प्रशासन ने इसके लिए पहले से तैयारियां पूरी की थीं।
बाढ़ को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ की स्थिति को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए। प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने, कम्युनिटी किचन, मेडिकल कैंप और राहत सामग्री के वितरण में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
साथ ही विकास परियोजनाओं को तय समय सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरा करने की हिदायत दी गई।
‘डबल इंजन’ सरकार का दोहराया संकल्प
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अगले पांच वर्षों में बिहार को अधिक समृद्ध और विकसित राज्य बनाने के लिए डबल इंजन सरकार के जरिए विकास को गति देने का संकल्प दोहराया।
गृह जिले में मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब मुंगेर में बाढ़ और विकास दोनों ही प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण मुद्दे बने हुए हैं। जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़े लाभार्थियों का आधिकारिक पोर्टल भी लगातार अपडेट हो रहा है।
बांग्लादेश जल समझौते पर भी बोले CM
मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश के साथ जल समझौते का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से बातचीत हुई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, बिहार को जरूरत के समय पानी उपलब्ध हो सके, इस दिशा में बातचीत की गई है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समझौते में पानी लेने की अवधि सीमित है और बिहार के हित को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे पर आगे भी बातचीत की जाएगी।
सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। गंगटा मोड़ तक जगह-जगह बैरिकेडिंग और ड्रॉप गेट लगाए गए थे। कार्यक्रम स्थल पर प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी।
कुल मिलाकर मुख्यमंत्री का मुंगेर दौरा एक साथ तीन बड़े संदेश देता नजर आया—मां की पुण्यतिथि पर भावनात्मक जुड़ाव, करोड़ों की सामाजिक सुरक्षा राशि का डीबीटी हस्तांतरण और मुंगेर-तारापुर क्षेत्र के लिए सड़क व पर्यटन विकास का एजेंडा।
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