भारत/नेपाल: नेपाल इन दिनों भीषण बाढ़ की मार झेल रहा है। ऐसे मुश्किल वक्त में कई देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने नेपाल की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बुधवार को संसद में आपदा की स्थिति और राहत प्रयासों की जानकारी देते हुए सहयोग करने वाले देशों के प्रति आभार जताया।
संसद में अपने संबोधन के दौरान पीएम शाह ने कहा कि संकट की इस घड़ी में मित्र देशों से लगातार मिल रहे समर्थन और एकजुटता के संदेश नेपाल के लिए हौसला बढ़ाने वाले हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न देशों की ओर से फोन, पत्र और सोशल मीडिया के जरिए नेपाल के प्रति संवेदना और सहयोग की भावना व्यक्त की गई है।
भारत समेत कई देशों से मिली सहायता
प्रधानमंत्री के अनुसार बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों के लिए भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, चीन, अमेरिका, यूएई, कतर, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, दक्षिण कोरिया, जापान और ब्रिटेन समेत कई देशों ने सहायता उपलब्ध कराई है।
उन्होंने कहा कि सरकार इस अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बेहद महत्वपूर्ण मानती है। आपदा से प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में मित्र देशों, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और राहत एजेंसियों की भूमिका अहम है।
भोटेकोशी की बाढ़ के बाद जारी है राहत अभियान
नेपाल में 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी। इसके बाद से प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव और पुनर्वास का काम लगातार जारी है।
प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि सरकार प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने और हालात सामान्य करने के लिए लगातार काम कर रही है। राहत अभियान के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास पर भी सरकार का ध्यान है।
‘मुश्किल वक्त में मिला साथ नेपाल के लिए ताकत’
पीएम बालेन शाह ने कहा कि आपदा के समय अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से मिला समर्थन नेपाल के लिए केवल सहायता नहीं, बल्कि संकट से उबरने की ताकत भी है। उन्होंने सहयोगी देशों और संस्थाओं का धन्यवाद करते हुए आने वाले दिनों में भी अंतरराष्ट्रीय सहयोग की उम्मीद जताई।
नेपाल सरकार का कहना है कि राहत और पुनर्वास की प्रक्रिया लंबी हो सकती है और प्रभावित क्षेत्रों को दोबारा सामान्य स्थिति में लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग आगे भी महत्वपूर्ण रहेगा।
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