पटना: बिहार पुलिस में DSP स्तर के अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादले और पोस्टिंग के बीच गृह विभाग की जारी अधिसूचना में ऐसी विसंगति सामने आई है, जिसने पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ही DSP का नाम एक ही सूची में दो बार दर्ज है और दोनों जगह अलग-अलग पुलिस अनुमंडलों की जिम्मेदारी दी गई है।
अब सवाल यह है कि DSP साहब आखिर ज्वाइन कहां करेंगे—सुपौल या सहरसा?
एक नाम, दो पोस्टिंग
गृह विभाग की अधिसूचना में क्रमांक 19 पर प्रमोटेड DSP पंकज कुमार सिंह का नाम दर्ज है। उनकी पूर्व तैनाती बक्सर जिले में DSP मुख्यालय के पद पर बताई गई है। आदेश के मुताबिक उन्हें बक्सर से स्थानांतरित कर सुपौल के त्रिवेणीगंज पुलिस अनुमंडल का SDPO बनाया गया है।
मामला यहीं खत्म नहीं होता।
इसी अधिसूचना में क्रमांक 25 पर भी पंकज कुमार सिंह का नाम दर्ज है। यहां भी उनकी पूर्व तैनाती बक्सर DSP मुख्यालय ही बताई गई है, लेकिन नई जिम्मेदारी सहरसा सदर पुलिस अनुमंडल के SDPO की दी गई है।
सुपौल जाएं या सहरसा?
एक ही अधिकारी को एक ही ट्रांसफर आदेश में दो अलग-अलग पुलिस अनुमंडलों का SDPO बनाए जाने से प्रशासनिक हलकों में सवाल उठना स्वाभाविक है।
क्या पंकज कुमार सिंह त्रिवेणीगंज SDPO के रूप में योगदान देंगे?
या फिर उन्हें सहरसा सदर SDPO की जिम्मेदारी संभालनी होगी?
या फिर विभाग की अधिसूचना में ही कोई ऐसी गलती हो गई है, जिसे अब संशोधित किया जाएगा?
टाइपिंग मिस्टेक या विभागीय चूक?
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह सिर्फ टाइपिंग/डाटा एंट्री की गलती है या ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया में गंभीर चूक?
क्योंकि सरकारी अधिसूचना में अधिकारी का नाम, पुरानी तैनाती और नई पोस्टिंग दर्ज होती है। ऐसे में एक ही अधिकारी को दो स्थानों पर पोस्टिंग मिलना आदेश की शुद्धता पर सवाल खड़ा करता है।
अब संशोधित आदेश का इंतजार
पुलिस महकमे में पोस्टिंग केवल पदस्थापन नहीं, बल्कि किसी क्षेत्र की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी से जुड़ी होती है। ऐसे में एक अधिकारी की दो जगह पोस्टिंग से न केवल भ्रम पैदा होता है, बल्कि संबंधित कार्यालयों में योगदान को लेकर भी स्थिति अस्पष्ट हो सकती है।
अब निगाह गृह विभाग पर है कि वह इस विसंगति को कैसे स्पष्ट करता है और क्या संशोधित अधिसूचना जारी की जाती है।
फिलहाल बिहार की यह ट्रांसफर-पोस्टिंग सूची पुलिस महकमे में एक सवाल छोड़ गई है—
“DSP पंकज कुमार सिंह आखिर ज्वाइन कहां करेंगे—सुपौल या सहरसा?”
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