कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले में तिलैया पुलिस ने बैंक लूट की बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया। पुलिस ने बैंक लूट की योजना बना रहे बिहार के चार कथित अपराधियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ भी हुई, जिसमें एक आरोपी के पैर में गोली लगी। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन पिस्टल, 15 जिंदा कारतूस और लूट में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद किया है।
घायल आरोपी की पहचान प्रिंस पांडेय उर्फ बाबा के रूप में हुई है। उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गिरफ्तार अन्य आरोपियों की पहचान सन्नी, अतुल और अमन के रूप में हुई है। मुठभेड़ के दौरान बचाव में तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार के पैर में भी चोट आई है।
बैंक लूट की सूचना पर पुलिस ने बनाया ऑपरेशन
एसपी कुमार शिवाशीष को गुप्त सूचना मिली थी कि बिहार से आए कुछ अपराधी तिलैया थाना क्षेत्र की इंदरवा बस्ती में एक मकान में ठहरे हुए हैं और किसी बैंक को लूटने की योजना बना रहे हैं।
सूचना मिलते ही तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने संदिग्ध मकान को घेरकर कार्रवाई शुरू की। सोमवार देर रात करीब तीन घंटे तक चले ऑपरेशन के दौरान पुलिस जैसे ही मकान के पास पहुंची, अपराधियों ने कथित तौर पर फायरिंग शुरू कर दी और वहां से भागने का प्रयास किया।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें प्रिंस पांडेय उर्फ बाबा के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। मौके से उसके तीन अन्य साथियों सन्नी, अतुल और अमन को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
तीन दिन से कर रहे थे बैंक की रेकी
पुलिस पूछताछ में घायल आरोपी प्रिंस पांडेय ने कथित तौर पर कई अहम जानकारियां दी हैं। उसके अनुसार, चारों आरोपी पिछले करीब तीन दिनों से इंदरवा बस्ती में किराए के मकान में रह रहे थे और कोडरमा बाजार स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की रेकी कर रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की योजना अगले एक-दो दिनों में बैंक लूटने की थी। इसके लिए बैंक की गतिविधियों, आसपास के इलाके और आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटाई जा रही थी।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र को क्यों बनाया निशाना?
पूछताछ में प्रिंस ने कथित तौर पर बताया कि गिरोह बैंक ऑफ महाराष्ट्र को निशाना बनाने की तैयारी में था। इसके पीछे बैंक में गोल्ड लोन की सुविधा होना बताया गया है। अपराधियों को आशंका थी कि बैंक में सोना और नकदी मिल सकती है।
प्रिंस के अनुसार, गिरोह का कथित मुख्य सरगना निरंतर सिंह पहले गूगल मैप के जरिए बैंक और आसपास के इलाके का लोकेशन तलाशता था। इसके बाद अपने साथियों को मौके पर भेजकर रेकी कराई जाती थी।
पुलिस अब निरंतर सिंह की भूमिका और उसके नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
मुठभेड़ के दौरान थाना प्रभारी भी घायल
पुलिस कार्रवाई के दौरान अपराधियों की ओर से फायरिंग किए जाने की बात सामने आई है। बचाव और जवाबी कार्रवाई के दौरान तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार के पैर में चोट आई।
ऑपरेशन के दौरान एसपी कुमार शिवाशीष लगातार पूरी कार्रवाई की जानकारी लेते रहे। कार्रवाई पूरी होने के बाद रात करीब 2 बजे वे सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पहले घायल थाना प्रभारी का हाल जाना और फिर गिरफ्तार अपराधियों तथा पूरे ऑपरेशन के संबंध में जानकारी ली।
बरही बैंक लूट से भी जुड़ सकते हैं तार
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को शक है कि इनके तार हजारीबाग के बरही चौक के पास कुछ महीने पहले हुई बैंक ऑफ महाराष्ट्र की लूट से भी जुड़े हो सकते हैं।
उस वारदात में बैंक कर्मी को बंधक बनाकर सोना और नकदी लूटे जाने की बात सामने आई थी। कोडरमा पुलिस अब दोनों घटनाओं के बीच संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है।
अगर जांच में दोनों मामलों के बीच संबंध सामने आता है, तो पुलिस को बैंक लूट से जुड़े एक बड़े गिरोह तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
फार्मेसी की पढ़ाई के बाद अपराध की राह पर आया प्रिंस
पूछताछ में प्रिंस पांडेय ने पुलिस को बताया कि वह सिवान जिले के सराय परौली का रहने वाला है। उसके पिता किसान हैं। उसने फार्मेसी में डिप्लोमा किया है।
पुलिस के अनुसार, प्रिंस ने बताया कि कथित सरगना निरंतर सिंह के संपर्क में आने के बाद वह पैसे के लालच में अपराध की दुनिया में आया। सन्नी, अतुल और अमन से भी उसकी मुलाकात निरंतर सिंह के माध्यम से होने की बात सामने आई है।
हालांकि, पुलिस अब पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इन दावों की पुष्टि कर रही है।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
एसडीपीओ प्रमोद केसरी ने बताया कि मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुठभेड़ के दौरान भागने की कोशिश कर रहे प्रिंस पांडेय के पैर में गोली लगी है। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं, निरंतर सिंह की भूमिका क्या है और क्या इस गिरोह ने झारखंड या बिहार में पहले भी बैंक लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है।
पुलिस की कार्रवाई से फिलहाल कोडरमा बाजार स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में प्रस्तावित लूट की वारदात टल गई है। अब जांच का फोकस गिरोह के नेटवर्क, हथियारों के स्रोत और पुराने बैंक लूट के मामलों से संभावित कनेक्शन पर है।
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