गोपालगंज: गंडक नदी के उफान से जिले के दियारा क्षेत्र के कई गांव जलमग्न हैं, लेकिन इन मुश्किल हालातों के बीच भी बच्चों ने पढ़ाई जारी रखने की मिसाल पेश की है। स्कूल भवन पानी में डूब जाने के बाद अब बच्चे नाव को ही ‘स्कूल बस’ बनाकर पढ़ाई करने पहुंच रहे हैं।
बाढ़ के बीच जज्बा
सदर प्रखंड के कई गांवों में स्कूल पूरी तरह जलमग्न हैं। इसके बावजूद बच्चे रोजाना नाव या टायर के सहारे ऊंचे स्थानों तक पहुंचते हैं, जहां अस्थायी रूप से कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। संसाधनों की कमी के बावजूद बच्चों का उत्साह कम नहीं हुआ है।
शिक्षक भी दे रहे साथ
स्थानीय शिक्षक भी इन बच्चों का पूरा सहयोग कर रहे हैं। वे खुद नाव से पहुंचकर खुले आसमान के नीचे या किसी सुरक्षित स्थान पर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। न ब्लैकबोर्ड है, न पर्याप्त किताबें—फिर भी पढ़ाई जारी है।
संपर्क टूटा, मुश्किलें बरकरार
बाढ़ के कारण गांवों का संपर्क प्रखंड और जिला मुख्यालय से टूट गया है। सड़कें डूबी हुई हैं और आवागमन के साधन ठप हैं। इसके बावजूद बच्चे और शिक्षक हर दिन नई चुनौतियों का सामना करते हुए पढ़ाई जारी रखे हुए हैं।
ग्रामीणों की चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि राहत और बचाव कार्य अभी तक पर्याप्त स्तर पर नहीं पहुंच पाया है। खाद्य सामग्री, चिकित्सा सुविधा और नावों की कमी से लोग परेशान हैं।
उम्मीद की किरण
इन तमाम परेशानियों के बीच बच्चों का यह जज्बा एक उम्मीद की किरण बनकर उभरा है। बाढ़ की त्रासदी के बीच यह तस्वीर बताती है कि हालात चाहे जैसे भी हों, शिक्षा के प्रति लगन कम नहीं होती।
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