खगड़िया: बिहार के खगड़िया जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस ही नहीं, आम लोगों को भी हैरान कर दिया है। खुद को IAS अधिकारी बताने वाला मनीष कुमार गुप्ता उर्फ चिक्कू दरअसल एक फर्जी अफसर निकला, जिसके ठिकाने पर पुलिस की साढ़े सात घंटे चली मैराथन छापेमारी में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
शनिवार दोपहर करीब 1 बजे शुरू हुई यह कार्रवाई देर शाम करीब 8:30 बजे तक लगातार चलती रही। गोगरी एसडीपीओ चंदन कुमार ठाकुर, थानाध्यक्ष अरविंद कुमार और डीआईयू टीम के नेतृत्व में हुई इस रेड ने एक ऐसे नेटवर्क की झलक दी, जो दिखाने, रसूख और फर्जी पहचान के दम पर खड़ा किया गया था।
टेस्ला कार पर ‘भारत सरकार’, हाई-प्रोफाइल ठाठ
छापेमारी के दौरान आरोपी के पास से दो महंगी गाड़ियां बरामद की गईं। इनमें एक सफेद रंग की टेस्ला मॉडल वाई और दूसरी डायकोर सफारी शामिल है। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि दोनों गाड़ियों पर अवैध रूप से ‘भारत सरकार’ लिखा हुआ था, जिससे आरोपी खुद को प्रभावशाली अधिकारी के रूप में पेश करता था।
बताया जा रहा है कि टेस्ला जैसी हाई-टेक कार का इस्तेमाल कर वह लोगों पर रौब झाड़ता था। इस तरह की गाड़ियों का भारत में सीमित उपयोग होने के कारण यह मामला और भी चर्चा में आ गया है।
NSA अजीत डोभाल का ‘सीक्रेट एजेंट’ होने का दावा
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस के सामने खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के अधीन काम करने वाला सीक्रेट एजेंट बताया। साथ ही वह खुद को वरिष्ठ IAS अधिकारी भी बताता था। पुलिस अब इस दावे की सच्चाई और उसके पीछे की मंशा की जांच कर रही है।
घर से मिली रहस्यमयी मूर्ति, लैपटॉप और संदिग्ध सामान
छापेमारी के दौरान पुलिस को आरोपी के घर से एक चादर में लपेटकर रखी गई रहस्यमयी मूर्ति मिली है, जिसे विशेष तरीके से छिपाकर रखा गया था। इसके अलावा कई कंप्यूटर सिस्टम, लैपटॉप, बैंक एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
साइबर सेल अब इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है, जिससे आरोपी के नेटवर्क, संपर्क और वित्तीय लेन-देन का पता लगाया जा सके।
आलीशान घर, इनडोर स्विमिंग पूल और विदेशी जीव-जंतु
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने फर्जी पहचान के दम पर करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली थी। गोगरी स्थित उसके आलीशान घर में इनडोर स्विमिंग पूल, विदेशी कछुए और दुर्लभ मछलियां पाई गईं।
इसके अलावा छापेमारी में विदेशी शराब और प्रतिबंधित वन्यजीव अवशेष, जैसे बारहसिंगा का सींग भी बरामद किया गया है, जिससे मामले में वन्यजीव कानून के उल्लंघन की भी आशंका जताई जा रही है।
100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का शक
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की कुल संपत्ति 100 करोड़ रुपये से अधिक होने की आशंका है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। फिलहाल पुलिस वाहन के दस्तावेज, जब्त मूर्ति और फर्जी सरकारी पहचान के इस्तेमाल की गहन जांच में जुटी है।
फर्जी पहचान का खतरनाक खेल
यह मामला सिर्फ एक फर्जी IAS बनने का नहीं, बल्कि उस सिस्टम की भी कहानी है जहां दिखावा, हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल और सरकारी नाम का इस्तेमाल कर लंबे समय तक लोगों को प्रभावित किया गया।
अब जांच का फोकस इस बात पर है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।
जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद
पुलिस का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल यह मामला बिहार में फर्जी पहचान और हाई-प्रोफाइल ठगी के सबसे चर्चित मामलों में शामिल हो गया है।