नालंदा: पानी निकासी और पैतृक संपत्ति के बंटवारे का विवाद इतना बढ़ गया कि गांव में हिंसा भड़क उठी। अस्थावां थाना क्षेत्र के माफी गांव में दो लोगों को बेरहमी से पीट दिया गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल रहमत आलम और मोहम्मद राशिद आलम ने आरोप लगाया है कि उन पर लाठी-डंडों से हमला किया गया। लेकिन इस मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब पीड़ितों ने मौके पर मौजूद डायल 112 के एक पुलिसकर्मी पर ही गंभीर आरोप लगा दिए। उनका कहना है कि पुलिसकर्मी ने मारपीट रोकने के बजाय हमलावरों को उकसाने वाली बातें कहीं।
बताया जा रहा है कि डायल 112 में तैनात एएसआई नाजिश घटना के समय सिविल ड्रेस में मौके पर मौजूद थे। इस बात को खुद अस्थावां थानाध्यक्ष सत्यम कुमार चंद्रवंशी ने भी स्वीकार किया है और इसे नियमों के विरुद्ध बताया है। उन्होंने कहा कि इस लापरवाही पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार यह विवाद दो पक्षों के बीच नहीं, बल्कि पट्टीदारों के बीच पैतृक संपत्ति और पानी निकासी को लेकर चल रहा था। दोनों पक्षों की ओर से आवेदन दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
फिलहाल गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब मौके पर पुलिस मौजूद थी, तब भी हिंसा क्यों नहीं रुकी?
ये खबर भी पढ़े: Bihar: बयान ऐसा कि पटना से दिल्ली तक चर्चा… भाई वीरेंद्र ने शक्ति यादव को क्यों दी चेतावनी?
