लोहरदगा: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता और मानवता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। 2 अगस्त 2026 को लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर गश्त के दौरान एक 13 वर्षीय नाबालिग बालक डरा-सहमा और अकेला बैठा मिला, जिसे समय रहते सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
भूलवश ट्रेन में चढ़ा, पहुंच गया सैकड़ों किलोमीटर दूर
पूछताछ में बालक ने अपना नाम गणेश कुमार (13 वर्ष) बताया, जो बिहार के रोहतास जिले के चुटिया गांव का रहने वाला है। उसने बताया कि वह गलती से ट्रेन संख्या 18636 (सासाराम–रांची एक्सप्रेस) में चढ़ गया था और इसी कारण लोहरदगा पहुंच गया। उसे अपने घर लौटने का कोई रास्ता या जानकारी नहीं थी।
RPF की काउंसलिंग और त्वरित कार्रवाई
RPF टीम ने बालक को पहले शांत किया, उसकी काउंसलिंग की और आवश्यक सत्यापन के बाद तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना दी। इसके बाद बालक को पूरी सुरक्षा के साथ चाइल्ड हेल्पलाइन, लोहरदगा को सौंप दिया गया, ताकि उसे उसके परिवार से मिलाया जा सके।
ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत कार्रवाई
यह पूरा रेस्क्यू अभियान रेलवे सुरक्षा बल के “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य रेलवे परिसर में भटके या लावारिस बच्चों को सुरक्षित बचाव और उनके परिजनों से पुनर्मिलन कराना है।
इस सराहनीय कार्य में एएसआई अभिषेक कुमार, मंजू कुमारी और प्रीति की अहम भूमिका रही।
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