रांची/बेगूसराय: झारखंड और बिहार की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी मेसर्स रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड पर आयकर विभाग ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। टैक्स चोरी, अघोषित आय और कथित बेनामी संपत्तियों से जुड़ी सूचनाओं के आधार पर विभाग ने कंपनी और उससे जुड़ी कई संस्थाओं के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की।
आयकर विभाग की यह कार्रवाई झारखंड, बिहार और हरियाणा के गुरुग्राम तक पहुंची। सुबह करीब 10 बजे शुरू हुए अभियान में 200 से अधिक अधिकारी और सुरक्षा बल के जवान शामिल रहे। टीमों ने कंपनी के कार्यालयों, कॉर्पोरेट परिसरों और जुड़े हुए ठिकानों पर दस्तावेजों की जांच शुरू की।
10 से ज्यादा कंपनियां भी रडार पर
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग की जांच सिर्फ रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन तक सीमित नहीं है। कंपनी से जुड़ी 10 से अधिक सहयोगी और कथित फ्रंट कंपनियों की गतिविधियां भी जांच के दायरे में हैं।
अधिकारियों की टीम वित्तीय लेन-देन, निवेश, संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों और आय के स्रोतों की जानकारी जुटा रही है।
हाईवे से लेकर माइनिंग तक बड़ा कारोबार
रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन देश की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में गिनी जाती है। कंपनी सड़क निर्माण, नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट, पुल-पुलिया, स्टेडियम, बड़े आवासीय प्रोजेक्ट और माइनिंग क्षेत्र से जुड़े काम करती है।
कंपनी का सालाना टर्नओवर 5000 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है, जिसके कारण आयकर विभाग की कार्रवाई को बड़ी कॉर्पोरेट जांच के रूप में देखा जा रहा है।
सुबह से शुरू हुई कार्रवाई, दस्तावेजों की जांच जारी
छापेमारी के दौरान आयकर विभाग की टीमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। हालांकि, अभी तक विभाग की ओर से बरामदगी या जांच से जुड़ी आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
बड़ा सवाल: क्या खुलेगा हजारों करोड़ के कारोबार का राज?
बड़ी निर्माण कंपनियों पर आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद अब नजर इस बात पर है कि जांच में क्या-क्या सामने आता है। फिलहाल टीमों की कार्रवाई जारी है और रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
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