हजारीबाग: अंधेरे का फायदा उठाकर बड़ी वारदात को अंजाम देने निकले अपराधियों का सामना शुक्रवार तड़के पुलिस से हो गया। केरेडारी थाना क्षेत्र के बुकरु गांव के पास हुई मुठभेड़ में पुलिस ने राहुल दुबे गैंग के मंसूबों पर पानी फेर दिया। गोलियों की आवाज से गूंजे इलाके में एक अपराधी घायल होकर गिर पड़ा, जबकि उसका साथी पुलिस के शिकंजे में आ गया।
पुलिस के मुताबिक, अपराधी चंद्रगुप्त माइंस से लेवी वसूली और इलाके में दहशत फैलाने की योजना बना रहे थे। जैसे ही पुलिस को इसकी भनक लगी, केरेडारी थाना और पगार ओपी की संयुक्त टीम ने बिना देर किए मोर्चा संभाल लिया।
घेराबंदी होते ही जंगल की ओर भागे बदमाश
पुलिस टीम ने बुकरु गांव के पास संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने भागने की कोशिश की और फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में कार्रवाई की।
मुठभेड़ के दौरान एक अपराधी के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरे को पुलिस ने दबोच लिया। मौके से एक पिस्टल, बाइक और अन्य सामान बरामद किया गया।
एसपी खुद पहुंचे घटनास्थल पर
घटना की जानकारी मिलते ही हजारीबाग एसपी अमन कुमार और बड़कागांव एसडीपीओ अमित आनंद मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। घायल अपराधी को पहले बड़कागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां से उसे शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया।
लेवी गैंग पर पुलिस की नजर
एसपी अमन कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में दोनों अपराधियों का संबंध राहुल दुबे गैंग से सामने आया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गैंग का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
बड़ी वारदात से पहले ही खुला खेल
पुलिस का कहना है कि अपराधी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे, लेकिन समय रहते मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई से उनकी योजना विफल कर दी गई।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार अपराधी से पूछताछ कर रही है और गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
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